Bihar CM Samrat Choudhary: शुक्रवार को गया में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विष्णुपद मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की। उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी समेत कई मंत्री मौजूद रहे, जिन्होंने आगामी पितृपक्ष मेला 2026 के उद्घाटन से पहले इस पवित्र स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह दौरा पितृपक्ष मेले की भव्यता और श्रद्धालुओं की आस्था के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंदिर के गर्भगृह में विधि-विधान से पूजा की। इस दौरान उन्होंने राज्य की सुख-समृद्धि और पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उनका यह दौरा पितृपक्ष मेले की तैयारियों का जायजा लेने और इसे सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के साथ मंत्रियों का दिखा पूरा कुनबा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ इस धार्मिक यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी भी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, कृषि मंत्री और गया जिले के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी मौके पर मौजूद रहे। मंत्री दिलीप जायसवाल सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस विशेष पूजा-अर्चना का हिस्सा बने, जो सरकार के सामूहिक प्रतिनिधित्व को दर्शाता है।
विष्णुपद मंदिर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों के आगमन को देखते हुए विष्णुपद मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मगध रेंज के आईजी सहित कई वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे। पुलिस प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष चौकसी बरती गई, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
पितृपक्ष मेला 2026: श्रद्धालुओं के लिए खास तैयारी
गया जी में आयोजित होने वाला पितृपक्ष मेला 2026 देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों की यह पूजा-अर्चना मेले के औपचारिक उद्घाटन से पहले हुई, जो इसकी आध्यात्मिक महत्ता को और बढ़ाती है। पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालु अपने पूर्वजों के पिंडदान और तर्पण के लिए गया आते हैं, और सरकार का यह दौरा मेले के सुचारु आयोजन के प्रति उसकी गंभीरता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों के इस दौरे से पितृपक्ष मेला 2026 के सफल आयोजन को लेकर स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं में नया उत्साह जगा है। आने वाले समय में मेले की तैयारियों में और तेजी देखने को मिलेगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले पिंडदानियों को सुविधा मिल सकेगी और वे शांतिपूर्ण ढंग से अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर पाएंगे।








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