Bihar Road Project: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में सड़क और बाढ़ प्रबंधन को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गंगा, कोसी और गंडक नदियों के दोनों तरफ तटबंधों को मजबूत किया जाए और उन पर फोरलेन सड़कों का निर्माण हो। इस पहल से न केवल राज्य का रोड नेटवर्क मजबूत होगा, बल्कि बाढ़ के खतरे को कम करने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह महत्वपूर्ण बातें गंगा, गंडक और कोसी नदी परियोजना, बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, 2400 (3000) मेगावाट पीरपैंती प्लांट और पीएम कुसुम योजना से जुड़ी समीक्षा बैठक में कहीं। उन्होंने राजकीय नलकूपों को सौर ऊर्जा से चलाने की दिशा में तेजी लाने का भी निर्देश अधिकारियों को दिया है।
कोसी क्षेत्र में बाढ़ से निपटने की विशेष रणनीति
कोसी नदी प्रणाली की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रबंधन के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोसी एक गतिशील और आपस में जुड़ी नदी प्रणाली है, जिसके प्रबंधन के लिए केवल वार्षिक प्रतिक्रिया तक सीमित रहने के बजाय लंबे समय के लिए बाढ़ जोखिम को कम करने की रणनीति पर काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘कोसी इलाके के शुरुआती 100 किलोमीटर जो विशेष डेंजर जोन है, उस पर डबल शीट पायलिंग करने की आवश्यकता है।’
उन्होंने कोसी क्षेत्र को लोगों, संपत्तियों और कनेक्टिविटी से जुड़े बहु-जिला नदी गलियारे पर काम करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, गाद प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने और नए बैराज के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा। गंडक नदी से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के दौरान, मुख्यमंत्री ने तटबंधों पर सोलर प्लांट लगाने की संभावनाओं पर भी काम करने का निर्देश दिया।
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे सहित कई पथ परियोजनाओं में तेजी
पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में बक्सर-भागलपुर सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। इस महत्वाकांक्षी Bihar Road Project की कुल लंबाई 348.196 किलोमीटर है, जिसमें 336.205 किलोमीटर बिहार में और 12 किलोमीटर उत्तर प्रदेश में है।
मुख्यमंत्री ने गंगा अंबिका पथ (बिदुपुर-दिघवारा), नारायणी पथ (दरिहारा डुमरिया घाट) और विश्वामित्र पथ (बक्सर आरा मनेर) जैसी अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं के काम में तेजी लाने और निर्धारित समय सीमा का पालन सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया है। इन परियोजनाओं से राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर भी फोकस
समीक्षा बैठक में पीएम कुसुम योजना और राजकीय नलकूपों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में भी प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र में भी तेजी से काम करने का निर्देश दिया, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा मिल सके। यह पहल ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।







