Bihar Contract Doctors: सम्राट सरकार ने बिहार के संविदा डॉक्टरों को दीपावली से पहले एक बड़ा तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में कार्यरत संविदा प्रोफेसरों, एसोसिएट प्रोफेसरों, असिस्टेंट प्रोफेसरों, सीनियर रेजिडेंट और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के मासिक मानदेय में 10 हजार से लेकर 27 हजार रुपये तक की भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। बिहार स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को जारी बयान में इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी गई।
इस फैसले से हजारों संविदा डॉक्टरों को सीधा फायदा मिलेगा, जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। सरकार का यह कदम डॉक्टरों के मनोबल को बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
मेडिकल प्रोफेसरों को सबसे ज्यादा फायदा
इस बढ़ोतरी में सबसे अधिक लाभ मेडिकल प्रोफेसरों को मिला है। उनके मानदेय में सीधे 27 हजार रुपये प्रति माह का इजाफा किया गया है। अब उन्हें 1.80 लाख रुपये के बजाय हर महीने 2.07 लाख रुपये का मानदेय मिलेगा। यह वृद्धि उनकी विशेषज्ञता और अनुभव को देखते हुए की गई है।
एसोसिएट प्रोफेसरों के मानदेय में भी उछाल
मेडिकल कॉलेजों में संविदा पर तैनात एसोसिएट प्रोफेसरों के लिए भी अच्छी खबर है। उनके मासिक मानदेय में 20 हजार रुपये का इजाफा किया गया है। पहले उन्हें 1.35 लाख रुपये मिलते थे, जो अब बढ़कर 1.55 लाख रुपये प्रति माह हो गए हैं। यह बढ़ोतरी राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है।
बिहार स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को जारी बयान में कहा, ‘संविदा पर कार्यरत मेडिकल प्रोफेसरों के मानदेय में सबसे अधिक 27 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब उन्हें प्रति माह 1.80 लाख रुपये के बजाय 2.07 लाख रुपये मानदेय मिलेगा।’
सरकार के इस कदम से संविदा पर कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय में भी 10 हजार से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। यह फैसला राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने और उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है।







