Bihar Weather: बिहार में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय होने वाला है। मौसम विभाग ने 10 सितंबर से राज्य में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-मध्य बिहार के कई इलाकों में जोरदार बारिश की संभावना है। इसके साथ ही, राज्य के अन्य हिस्सों में भी वर्षा हो सकती है। बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ आंधी की भी आशंका जताई गई है, जिसके मद्देनजर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
19 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बिहार के 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जहाँ भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया और जहानाबाद सहित अन्य जिले शामिल हैं। प्रभावित जिलों के निवासियों को मौसम के अपडेट पर नज़र रखने और बिगड़ते हालात के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
10 सितंबर को उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-मध्य बिहार के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान वज्रपात और आंधी की भी संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान खुले इलाकों और पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचें। यह चेतावनी विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो बाहर काम करते हैं या यात्रा करते हैं, क्योंकि अचानक आने वाले तूफान और बिजली गिरने से खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसमी सिस्टम
बारिश में इस अपेक्षित वृद्धि का संबंध बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे एक मौसमी सिस्टम से है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के निकटवर्ती तटीय क्षेत्रों में लगभग 5.8 किलोमीटर औसत समुद्र तल तक एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इसके प्रभाव से 10 सितंबर को उत्तरी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम बिहार में बारिश की गतिविधियों को और तेज कर सकता है।
तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी।
हालांकि, अपेक्षित बारिश के बावजूद, मौसम विभाग ने अगले पाँच दिनों तक बिहार के अधिकांश हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान लगाया है। 8 सितंबर को दरभंगा में राज्य का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि 9 सितंबर को रोहतास के डेहरी में न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
किसानों और बाहरी कामगारों को मौसम की स्थिति पर अपडेट रहने और अपनी गतिविधियों की योजना उसी के अनुसार बनाने की सलाह दी गई है। वज्रपात और आंधी के दौरान लोगों को सुरक्षित, बंद जगह पर जाना चाहिए और खुले खेतों तथा अकेले खड़े पेड़ों से बचना चाहिए। बंगाल की खाड़ी में सिस्टम के विकसित होने के साथ ही लोगों को आधिकारिक मौसम अलर्ट का पालन करने की भी सलाह दी गई है।







