Bihar Education: नई तकनीकों से जुड़कर बिहार के हजारों विद्यार्थी और शिक्षक अपने कौशल का विकास करेंगे। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसके तहत 8700 विद्यार्थी और शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रशिक्षण के लिए गुजरात के गांधीनगर भेजा जाएगा। यह कदम राज्य में शिक्षा के आधुनिकीकरण और छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ी पहल है।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपीसी) के सभागार में आयोजित एक समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएं, ताकि विद्यार्थियों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।






बड़ी खबर! बिहार के 8700 छात्र-शिक्षकों की बदलेगी किस्मत, AI सीखने सीधे गुजरात जाएंगे!
Bihar AI Training: शिक्षा के क्षेत्र में बिहार एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। राज्य के 8700 विद्यार्थी और शिक्षक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण लेने के लिए गुजरात के गांधीनगर जाएंगे। इस महत्वपूर्ण पहल से छात्रों के कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 13 जुलाई, 2026 को पटना में विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए यह जानकारी दी।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने जोर दिया कि इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलना चाहिए। इस दौरान पीएमश्री और समग्र शिक्षा योजना सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
8700 छात्र-शिक्षक लेंगे AI ट्रेनिंग, मिलेगा नया कौशल
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि बिहार AI Training कार्यक्रम के तहत कुल 8700 विद्यार्थी और शिक्षक गुजरात के गांधीनगर स्थित केंद्रों पर चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों से विद्यार्थियों को जोड़ना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह प्रशिक्षण उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा और उनके कौशल को निखारेगा।
अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, इसके लिए तीसरे पक्ष से जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। – शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
मॉडल स्कूलों का कायाकल्प, 20 जुलाई तक पूरा होगा काम
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित किए जा रहे मॉडल स्कूलों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। बताया गया कि इन स्कूलों में रंगरोगन, बिजली, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित कार्य 20 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। यह कदम इन विद्यालयों को आधुनिक शिक्षण सुविधाओं से लैस करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
सिमुलतला आवासीय विद्यालय पर भी फोकस
बैठक के दौरान सिमुलतला आवासीय विद्यालय के कायाकल्प के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने इस प्रतिष्ठित संस्थान के विकास कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाएं समय पर पूरी हों ताकि राज्य में शिक्षा का स्तर और बेहतर हो सके।
बिहार में AI प्रशिक्षण से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि आज के दौर में नई तकनीकों से विद्यार्थियों को जोड़ना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, इससे छात्रों के कौशल विकास को एक नई दिशा मिलेगी और वे आधुनिक दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चल पाएंगे। अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत कुल 8,700 विद्यार्थी और शिक्षक चरणबद्ध तरीके से गुजरात के गांधीनगर भेजे जाएंगे। यह प्रशिक्षण उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की गहरी समझ और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करेगा।
मॉडल स्कूलों का कायाकल्प, 20 जुलाई तक पूरे होंगे काम
समीक्षा बैठक के दौरान ‘पीएमश्री’ और ‘समग्र शिक्षा योजना’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने शिक्षा मंत्री को बताया कि ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ के रूप में विकसित किए जा रहे मॉडल स्कूलों में रंगरोगन, बिजली, पेयजल और अन्य सभी आवश्यक सुविधाओं से संबंधित कार्य 20 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। यह पहल इन स्कूलों को आधुनिक शिक्षा के केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
नई तकनीकों से विद्यार्थियों को जोड़ना समय की आवश्यकता है और इससे उनके कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी।
– मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री, बिहार
इसके अतिरिक्त, सिमुलतला आवासीय विद्यालय के कायाकल्प के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। इन कदमों से बिहार की शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता और आधुनिकता का समावेश होगा, जिससे छात्रों को बेहतर भविष्य बनाने में मदद मिलेगी।








