Bihar Food Safety: बिहार में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। राज्यभर में खाद्य प्रतिष्ठानों पर लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य सचिव सह खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
इस अभियान के तहत होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी, डेयरी, मसाला इकाई, खाद्य दुकानें और अन्य खाद्य व्यवसाय प्रतिष्ठानों की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारी खाद्य गुणवत्ता, स्वच्छता, वैध एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस या पंजीकरण, भंडारण प्रथाओं और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
नमूनों की जांच और होगी कार्रवाई
अभियान के दौरान कई जिलों से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए हैं। इनमें दूध और दूध उत्पाद, मसाले और सॉस, अनाज और दालें, बेकरी उत्पाद, पेय पदार्थ और अन्य खाद्य वस्तुएं शामिल हैं। इन सभी नमूनों को निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार जांच के लिए नामित प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य व्यवसाय संचालकों को खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
इन जिलों में चला ताबड़तोड़ अभियान
- पटना: राजधानी पटना में खाद्य गुणवत्ता का आकलन करने के लिए औचक निरीक्षण और नमूना संग्रह किया गया। खाद्य तेल और पेय पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए एकत्र किए गए। जहां मिलावटी या संदिग्ध खाद्य उत्पाद पाए गए, उन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
- सीवान और गोपालगंज: इन जिलों में 18 और 19 सितंबर को खाद्य नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें पटना के अगमकुआं स्थित संयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला में भेजा गया। प्रतिष्ठानों को स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा अनुपालन बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
- पूर्वी चंपारण: यहां दूध और दूध उत्पादों की श्रेणी से नमूने लिए गए, जिनमें अमूल कूल और अमूल चॉकलेट भी शामिल थे। विक्रेताओं को स्वच्छता बनाए रखने, ‘बेस्ट-बिफोर’ तिथियों की जांच करने और एफआईएफओ/एफईएफओ (FIFO/FEFO) भंडारण प्रणालियों का पालन करने का निर्देश दिया गया।
- नालंदा: हल्दी पाउडर, मूंग और बिस्कुट के नमूने एकत्र किए गए। खाद्य प्रतिष्ठानों को अपने एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण को प्रमुखता से प्रदर्शित करने, जहां आवश्यक हो, आवश्यक पंजीकरण प्राप्त करने, एफआईएफओ प्रथाओं का पालन करने और खाद्य उत्पादों को ढंककर व सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया।
- अरवल: 18 और 19 सितंबर को निरीक्षण किए गए, जहां पेय पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए एकत्र किए गए। संबंधित प्रतिष्ठानों के लिए ऑनलाइन निरीक्षण प्रक्रिया भी पूरी की गई।
- बेगूसराय: विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जहां दूध, दूध उत्पादों और अन्य खाद्य श्रेणियों के नमूने एकत्र किए गए। संचालकों को स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता और लागू कानूनी आवश्यकताओं का अनुपालन बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
- गया: टिकारी उपखंड सहित कई क्षेत्रों में निरीक्षण किए गए। एक मशरूम उत्पादन इकाई में पूर्व-पंजीकरण निरीक्षण भी किया गया। लागू नियमों के तहत पंजीकरण के लिए अयोग्य पाई गई इकाइयों को आवश्यक खाद्य सुरक्षा लाइसेंस प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
- कटिहार: विनोदपुर के पावर हाउस रोड स्थित हरिहर बेकरी, सरिता आहार और सीजेएम कोर्ट के पास एक तेल मिल सहित कई खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। संचालकों को स्वच्छता, साफ-सफाई और एफआईएफओ मानदंडों का पालन करने का निर्देश दिया गया।
लाइसेंस और स्वच्छता पर विशेष जोर
स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य व्यवसाय संचालकों को अपने परिसर में वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण प्रमुखता से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है। संचालकों को एफआईएफओ/एफईएफओ प्रणालियों का पालन करने और खाद्य उत्पादों को सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से संग्रहीत करने के लिए भी कहा गया है। विभाग ने परिसर की नियमित सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता और निर्धारित खाद्य गुणवत्ता मानकों के अनुपालन पर जोर दिया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन, आवश्यक लाइसेंस या पंजीकरण के बिना संचालन, या अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य उत्पादों के निर्माण और बिक्री से जुड़े मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने बताया कि औचक निरीक्षण, नमूना संग्रह और प्रवर्तन कार्रवाई का यह अभियान पूरे बिहार में जारी रहेगा।







