Bhagalpur Crime: बिहार के भागलपुर में तिलकामांझी थाना क्षेत्र के बहुचर्चित हत्या और लूटकांड में अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश निगरानी की अदालत ने इस मामले के मुख्य आरोपी सुभाष कुमार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस निर्णय से न्यायपालिका पर आम जनता का विश्वास और गहरा हुआ है।
अदालत ने दोषी सुभाष कुमार पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यदि वह यह जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे 6 महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। यह सख्त फैसला अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह मामला वर्ष 2025 का है, जब सूचिका आभा सिन्हा अपने भाई के श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने बेगूसराय गई थीं। इसी दौरान उनके पति घर में अकेले थे। अपराधियों ने घर में घुसकर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद घर से जेवरात, मोबाइल, बैंक पासबुक और चेकबुक भी लूटकर फरार हो गए थे।
जांच के दौरान पुलिस ने अपराधियों तक पहुंचने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया। सीसीटीवी फुटेज, टावर डंप डाटा और मोबाइल लोकेशन की मदद से पुलिस ने मुख्य आरोपी सुभाष कुमार को पकड़ा। उसके घर से मृतक का चेकबुक, पासबुक और मोबाइल भी बरामद किया गया, जो इस मामले में अहम सबूत साबित हुए।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 10 गवाहों को अदालत में पेश किया। अपर लोक अभियोजक राजेश कुमार सिंह ने अदालत के समक्ष मजबूती से अपना पक्ष रखा। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर ही अदालत ने सुभाष कुमार को हत्या और लूट के लिए दोषी ठहराया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।
यह फैसला भागलपुर में अपराध पर अंकुश लगाने और अपराधियों को कड़ी चेतावनी देने का काम करेगा। उम्मीद है कि ऐसे कठोर न्यायिक निर्णय समाज में कानून व्यवस्था के प्रति सम्मान स्थापित करने में सहायक होंगे।







