Patna University News: पटना विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के तहत स्वीकृत 100 करोड़ रुपये की परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके क्रियान्वयन और निगरानी के लिए दो महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया है। कुलपति के निर्देश पर जारी आधिकारिक अधिसूचना में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट की स्थापना की जानकारी दी गई है। यह फंडिंग पीएम-उषा के मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (MERU) घटक के तहत स्वीकृत की गई है।
छात्रों के लिए बनेंगे हाईटेक लैब और स्मार्ट क्लासरूम
इस 100 करोड़ रुपये की परियोजना का मुख्य लक्ष्य पटना विश्वविद्यालय में बहुविषयक शिक्षा और अनुसंधान के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इसके तहत एक हाई-टेक इनक्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर, आधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाएं और स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य छात्रों के बीच स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना और उन्हें उद्योग जगत से जोड़ने में सहायता करना भी है।
परियोजना की दिशा तय करेगा गवर्नर्स बोर्ड
परियोजना से संबंधित नीतिगत और दिशा-निर्देश संबंधी निर्णय लेने के लिए सात सदस्यीय बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का गठन किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति इसके अध्यक्ष होंगे। अन्य सदस्यों में विश्वविद्यालय के वित्तीय सलाहकार, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के निदेशक, रजिस्ट्रार, विकास अधिकारी-सह-पीएम-उषा एमईआरयू नोडल अधिकारी, विश्वविद्यालय अभियंता और बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आशीष रोहतगी शामिल हैं। यह बोर्ड पीएम-उषा एमईआरयू के तहत होने वाली गतिविधियों की समग्र दिशा निर्धारित करेगा।
इस परियोजना से पटना विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और अनुसंधान क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार होगा, जिससे छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट करेगी जमीनी स्तर पर निगरानी
जमीनी स्तर पर परियोजना के क्रियान्वयन की देखरेख और नियमित समीक्षा के लिए एक अलग नौ सदस्यीय प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट बनाई गई है। आईक्यूएसी के निदेशक इस इकाई का नेतृत्व करेंगे। इसके सदस्यों में विज्ञान और विधि संकायों के डीन, भूविज्ञान विभाग के डॉ. अतुल आदित्य पांडे, डॉ. राम बलि सिंह, भूगोल विभाग के डॉ. मोहम्मद नाजिम, वित्त अधिकारी, बजट एवं लेखा अधिकारी और आईटी सेल के प्रभारी अधिकारी शामिल हैं। यह इकाई परियोजना की प्रगति का नियमित आकलन करेगी और क्रियान्वयन को प्रभावित करने वाली बाधाओं की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को मिलेगा बल
प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) केंद्र सरकार की एक उच्च शिक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के उद्देश्यों का समर्थन करना है। यह योजना उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता, पहुंच और समानता में सुधार पर केंद्रित है। पटना विश्वविद्यालय की एमईआरयू परियोजना से स्वीकृत धनराशि का उपयोग बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बहुविषयक शिक्षा व अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा, जो अंततः बिहार के शैक्षिक परिदृश्य को बेहतर बनाएगा।







