Bihar Maner Encounter: पटना के मनेर में हुए पुलिस एनकाउंटर को लेकर बिहार की राजनीति में जबरदस्त हलचल मची हुई है। विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राजद नेत्री रोहिणी आचार्य ने इसे ‘सम्राट सरकार’ के कार्यकाल में कानून के राज पर ‘काला धब्बा’ बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है।

राजद समेत अन्य विपक्षी दलों ने इस मुठभेड़ को फर्जी और सुनियोजित साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि पुलिस ने संविधान और मानवाधिकारों का खुलेआम उल्लंघन किया है। अपराधियों को सजा देने का अधिकार सिर्फ अदालत को है, न कि पुलिस को।

अपराधियों को सजा देने का अधिकार अदालत को है। पुलिस की मुठभेड़ के जरिए कार्रवाई संविधान और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
– रोहिणी आचार्य, राजद नेत्री (7 नवंबर, 2026 को ट्वीट किया गया)
राजद का स्पष्ट मानना है कि पुलिस मुठभेड़ के नाम पर किसी व्यक्ति को सजा देना न्यायिक प्रक्रिया के खिलाफ है। पार्टी ने इस घटना को बिहार में कानून के राज के दावे पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न बताया है।
“एनकाउंटर संस्कृति” बंद होनी चाहिए ..
मनेर में हुआ पुलिस एनकाउंटर बिहार में कानून के राज के दावे पर एक काला धब्बा है और सम्राट सरकार द्वारा जारी पुलिसिया दमन का एक और मामला है। अपराधियों को सजा देने का काम अदालत का है, मगर एनकाउंटर करवा कर सम्राट सरकार संविधान और मानवाधिकारों का खुलेआम उल्लंघन कर रही है। इस मामले की न्यायिक जांच आयोग के द्वारा निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त विधि-सम्मत कार्रवाई की जाए।
एनकाउंटर संस्कृति पर रोहिणी आचार्य का तीखा हमला
राजद नेत्री रोहिणी आचार्य ने मनेर एनकाउंटर को लेकर सम्राट सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ऐसी ‘एनकाउंटर संस्कृति’ बंद होनी चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी मामले में दोष तय करने का काम अदालत का है और पुलिस को हमेशा कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने इस मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है। रोहिणी आचार्य ने मनेर एनकाउंटर को ‘सम्राट सरकार द्वारा जारी पुलिसिया दमन’ का एक और मामला बताया है।
बिहार मनेर एनकाउंटर: न्यायिक जांच की मांग से गरमाई सियासत
विपक्ष ने इस पूरे मामले में सरकार से जवाब मांगा है और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कराने पर जोर दिया है। राजद की मुख्य मांग है कि मनेर एनकाउंटर की जांच न्यायिक जांच आयोग से कराई जाए। पार्टी ने कहा है कि यह जांच पूरी तरह से निष्पक्ष होनी चाहिए।
राजद ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई में किसी स्तर पर भी कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ विधि-सम्मत कदम उठाए जाने चाहिए। विपक्ष ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बिहार की सियासत और तेज होने के आसार हैं।







