Bihar MLC Elections: बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव ने राज्य की राजनीति में गर्माहट ला दी है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की 4 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की 4 सीटों के लिए कुल 152 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 5 लाख 32 हजार 547 मतदाता करेंगे। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि के बाद उम्मीदवारों के हलफनामों से एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है, जो राजनीतिक दलों की प्राथमिकताएं उजागर करती है: अमीर, बाहुबली और बुजुर्ग नेताओं पर आज भी उनका भरोसा कायम है।
करोड़पति उम्मीदवार और आपराधिक पृष्ठभूमि
धनबल के मामले में, पटना स्नातक सीट से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के दिलीप कुमार सबसे अमीर प्रत्याशी बनकर उभरे हैं। उन्होंने अपने हलफनामे में 72 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की है। वहीं, इसी सीट से तीन बार एमएलसी रह चुके जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नीरज कुमार के पास 80 लाख रुपये की संपत्ति है, जो दिलीप कुमार की तुलना में काफी कम है। बिहार की राजनीति में ‘बाहुबली’ नेताओं का प्रभाव अक्सर चर्चा में रहता है। इस बार के विधान परिषद चुनाव में 30 में से 15 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन 15 प्रत्याशियों में दरभंगा शिक्षक सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. मदन मोहन झा पर सर्वाधिक 13 मुकदमे दर्ज हैं।
कौन है सबसे युवा और बुजुर्ग प्रत्याशी?
उम्मीदवारों की उम्र के दायरे पर गौर करें तो, तिरहुत स्नातक सीट से जदयू के प्रत्याशी अभिषेक झा सबसे युवा उम्मीदवार हैं। उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में अपनी उम्र 33 साल बताई है। जानकारी के अनुसार, जदयू के प्रत्याशियों की औसत आयु 47 वर्ष है। दूसरी ओर, सबसे बुजुर्ग चेहरे के रूप में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तिरहुत शिक्षक सीट से उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह का नाम सामने आया है, जिनकी उम्र 79 वर्ष है। बताया जा रहा है कि भाजपा के प्रत्याशियों की औसत आयु 69 वर्ष है।
कब पूरी होगी चुनावी प्रक्रिया?
पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की स्नातक निर्वाचन सीटों के साथ-साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की शिक्षक निर्वाचन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण यह चुनाव कराया जा रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान की प्रक्रिया 23 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद 27 अक्टूबर को मतों की गणना होगी। पूरी चुनावी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक संपन्न कर ली जाएगी।







