Bihar NH Projects: बिहार में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इन बिहार NH प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से उत्तर बिहार और सीमांचल के लाखों लोगों को आवागमन में अभूतपूर्व सुविधा मिलने वाली है। मधुबनी, दरभंगा, सुपौल और अररिया जैसे प्रमुख जिलों को जोड़ने वाली ये सड़कें न केवल यात्रा को सुगम बनाएंगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार देंगी।
बिहार के इन 3 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर काम जारी
वर्तमान में, परसरमा-अररिया एनएच-327ई, उमगांव-भेजा एनएच और भेजा-बकौर एनएच सहित तीन प्रमुख परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं का लक्ष्य इन क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना है, जिससे लोगों के लिए यात्रा करना आसान हो सके। इन तीनों परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विवरण और उनकी वर्तमान स्थिति नीचे तालिका में दी गई है:
| परियोजना का नाम | लंबाई (किमी) | अनुमानित लागत (करोड़ रुपये) | निर्माण मोड | वर्तमान स्थिति | पूरा होने का लक्ष्य |
|---|---|---|---|---|---|
| परसरमा-अररिया NH-327E | 102 | 1548 | HAM | जमीन अधिग्रहण जारी (सुपौल, अररिया में 163 हेक्टेयर) | 2028 |
| उमगांव-भेजा NH | 88.65 | 1224 | HAM | 20% काम पूरा, समयसीमा बढ़ने की संभावना | 1 जुलाई 2027 (संभावित वृद्धि) |
| भेजा-बकौर NH | 13.3 | 1103 | EPC | 95% काम पूरा | 31 मार्च 2027 |
इस तालिका से स्पष्ट है कि बिहार के इन महत्वपूर्ण NH प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे निर्धारित समयसीमा के भीतर ही उत्तर बिहार और सीमांचल के निवासियों को बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
परसरमा-अररिया NH-327E: 102 किमी की नई लाइफलाइन
परसरमा-अररिया एनएच-327ई का लगभग 102 किलोमीटर लंबा हिस्सा हाइब्रिड एन्यूइटी मॉडल (HAM) पर बनाया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 1548 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वर्तमान में, सुपौल और अररिया जिले में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इन दोनों जिलों के लगभग 53 गांवों में कुल 163 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। जमीन अधिग्रहण पूरा होने के बाद, इस सड़क का निर्माण इसी साल के अंत तक शुरू होने की संभावना है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2028 तक इसे पूरा करना है। इसके बनने से सुपौल और अररिया के बीच सीधा और बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध होगा, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
उमगांव-भेजा और भेजा-बकौर NH: मधुबनी-दरभंगा-सुपौल को मिलेगी नई गति
उमगांव-भेजा दो लेन पेव्ड सोल्डर एनएच का निर्माण भी HAM मोड पर किया जा रहा है। करीब 88.65 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर 1224 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना को पूरा करने की निर्धारित समयसीमा 1 जुलाई 2027 है। हालांकि, निर्माण की मौजूदा गति को देखते हुए, जिसमें अब तक केवल 20 फीसदी काम ही पूरा हो सका है, इसकी समयसीमा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। यह सड़क मधुबनी और दरभंगा के बीच आवागमन को सुगम बनाएगी, साथ ही सीमांचल के अन्य जिलों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
वहीं, भेजा-बकौर दो लेन पेव्ड सोल्डर एनएच का निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड में चल रहा है। करीब 13.3 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1103 करोड़ रुपये है। इसका लगभग 95 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने की समयसीमा निर्धारित है और मौजूदा प्रगति को देखते हुए इसके निर्धारित समय में ही पूरा होने की संभावना है। इस सड़क के चालू होने से मधुबनी और सुपौल के बीच आवागमन और बेहतर होगा।
लाखों लोगों को होगा सीधा फायदा: जानिए कब तक मिलेगी राहत
इन तीनों राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के पूरा होने से मधुबनी, दरभंगा, सुपौल और अररिया के लाखों लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे इन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। स्थानीय निवासियों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और जीवन स्तर में सुधार होगा। सरकार इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि बिहार के विकास को एक नई दिशा मिल सके।







