Bihar NEP 2020: बिहार के विश्वविद्यालयों में अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू होने जा रही है। इसके तहत स्नातकोत्तर (पीजी) के 43 विषयों के संशोधित पाठ्यक्रम नए सत्र से प्रभावी होंगे। यह फैसला राज्यपाल सैयद अता हसनैन की अध्यक्षता में बिहार लोक भवन में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हुए, जहां उच्च शिक्षा में सुधारों को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
स्नातकोत्तर के 43 विषयों का पाठ्यक्रम संशोधित
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को अधिक आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाना है। इसी कड़ी में, बिहार के विश्वविद्यालयों में पीजी के 43 विषयों के पाठ्यक्रम को संशोधित किया गया है। इन नए पाठ्यक्रमों से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और वे बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप तैयार हो सकेंगे। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने इस पहल को राज्य की उच्च शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।






समर्थ पोर्टल और डिग्री वितरण पर भी अहम फैसले
उच्च शिक्षा में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए समर्थ पोर्टल को सभी विश्वविद्यालयों में 31 दिसंबर तक पूरी तरह लागू करने का निर्देश दिया गया है। इससे नामांकन से लेकर परीक्षा परिणामों तक की प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित होंगी। इसके अतिरिक्त, छात्रों की लंबित डिग्रियों के वितरण को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया गया। सभी लंबित डिग्रियों का वितरण 30 सितंबर तक ‘मिशन मोड’ में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी और उनके भविष्य की राह आसान होगी।
राज्यपाल सैयद अता हसनैन की अध्यक्षता में बिहार लोक भवन में आयोजित बैठक में नए सत्र में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के तहत स्नातकोत्तर (पीजी) के 43 विषयों के संशोधित पाठ्यक्रम को लागू करने सहमति दी गई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय पर परीक्षाएं और डिग्रियों का वितरण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इन निर्णयों से बिहार की उच्च शिक्षा प्रणाली में एक नई गति आएगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।








