Bihar RTI: बिहार में सूचना के अधिकार (RTI) प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए शुरू किया गया ‘जानकारी 2.0’ पोर्टल अपनी शुरुआत के छह महीने बाद भी पूरी तरह से काम नहीं कर पा रहा है। अधिकांश सरकारी विभागों ने अब तक अपने लोक सूचना अधिकारियों (PIO) को इस मंच पर सक्रिय नहीं किया है। इस कारण नागरिकों को ऑनलाइन RTI आवेदन करने और डिजिटल माध्यम से जानकारी प्राप्त करने में परेशानी हो रही है।
आखिर क्यों ठप है ऑनलाइन RTI का काम?
बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (BELTRON) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अधिकतर विभागों ने अभी तक अपने लोक सूचना अधिकारियों (PIO) और प्रथम अपीलीय अधिकारियों (FAA) का विवरण पोर्टल पर दर्ज नहीं किया है। यह स्थिति ऑनलाइन RTI प्रणाली की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने अब सभी विभागों को राज्य मुख्यालय से लेकर जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक के कार्यालयों में अधिकारियों को पोर्टल पर सक्रिय करने का निर्देश दिया है।






BELTRON ने जताई चिंता, क्या है समाधान?
BELTRON ने 9 जून 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग को एक पत्र लिखकर ‘जानकारी 2.0’ परियोजना के प्रभावी संचालन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की है। निगम ने बताया कि पोर्टल तभी पूरी तरह से कार्य कर पाएगा जब अधीनस्थ कार्यालयों के PIO और FAA को इसमें एकीकृत किया जाएगा। BELTRON के अनुसार, विभागीय अधिकारियों के लिए 8 दिसंबर 2025 को ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया गया था, लेकिन क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए लॉगिन क्रेडेंशियल बनाने का काम अभी भी अधूरा है। इस तकनीकी बाधा के कारण ऑनलाइन RTI आवेदनों के समय पर निपटारे में कठिनाई हो रही है।
BELTRON ने अपने पत्र में कहा, “जानकारी 2.0 परियोजना तभी प्रभावी ढंग से काम कर सकती है जब अधीनस्थ कार्यालयों के PIO और FAA को सिस्टम में एकीकृत किया जाए। क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए लॉगिन क्रेडेंशियल अधूरा रहना गंभीर चिंता का विषय है।”
तीन चरणों में होनी थी व्यवस्था, कहां फंसा पेंच?
सरकार ने पोर्टल के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए तीन-चरणीय योजना बनाई थी:
- पहला चरण: इसमें विभागीय प्रशासक खाता बनाना शामिल है, जिसके लिए विभागों को BELTRON को निर्धारित जानकारी जमा करनी होगी।
- दूसरा चरण: विभागों को अपने निदेशालय और क्षेत्रीय कार्यालयों—जिसमें जिला, प्रखंड और पंचायत कार्यालय शामिल हैं—को पोर्टल पर स्वयं-पंजीकरण पूरा करने का निर्देश देना होगा।
- तीसरा चरण: क्षेत्रीय कार्यालयों के पंजीकरण के बाद शुरू होता है। उनके अनुरोध विभागीय प्रशासक के डैशबोर्ड पर दिखाई देंगे, जहां सत्यापन के बाद उपयोगकर्ता आईडी और पासवर्ड स्वचालित रूप से जनरेट किए जाएंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग ने अब सभी विभागों को मुख्यालय से लेकर जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक के अधिकारियों को इस पोर्टल पर सक्रिय करने का निर्देश दिया है। उम्मीद है कि इस निर्देश के बाद जानकारी 2.0 पोर्टल जल्द ही पूरी क्षमता से काम कर पाएगा और नागरिकों को ऑनलाइन RTI आवेदन करने तथा डिजिटल रूप से जानकारी प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।








