Bihar Advocate General: बिहार सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यदर्शी संजय को राज्य का नया एडवोकेट जनरल नियुक्त कर दिया है। इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी होने के बाद, गुरुवार शाम को एसडी संजय ने पटना हाई कोर्ट स्थित एडवोकेट जनरल के चैंबर में अपना नया पदभार संभाला। पद ग्रहण करने के बाद उन्होंने अपने 41 साल के लंबे कानूनी करियर के दौरान आए कई उतार-चढ़ावों को याद किया। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा सौंपी गई इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाने का संकल्प लिया।
सत्यदर्शी संजय ने निवर्तमान एडवोकेट जनरल प्रशांत कुमार शाही (पीके शाही) का स्थान लिया है, जिन्होंने 14 जून को स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी नियुक्ति राज्य के कानूनी परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है।




लंबा रहा है सत्यदर्शी संजय का कानूनी सफर
सत्यदर्शी संजय का कानूनी करियर देश भर के युवा वकीलों और कानून के छात्रों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है। मूल रूप से पटना के निवासी, एसडी संजय कॉमर्स कॉलेज के एक पूर्व प्रोफेसर के बेटे हैं। उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक, दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर (सीएलसी) से अपनी उच्च कानूनी शिक्षा पूरी की।
साल 1984 में ऑनर्स के साथ कानून की डिग्री हासिल करने के बाद, वे पटना लौट आए। उन्होंने मशहूर सीनियर वकील जीसी भारुका के मार्गदर्शन में पटना हाई कोर्ट में अपनी कानूनी प्रैक्टिस की शुरुआत की, जहां उन्होंने अपनी मजबूत नींव रखी।
सरकारी भूमिकाओं में दमदार प्रदर्शन
सरकारी कानूनी भूमिकाओं में सत्यदर्शी संजय का रिकॉर्ड बेहद शानदार और प्रभावशाली रहा है। उनकी योग्यता और अनुभव को देखते हुए, नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली तत्कालीन बिहार सरकार ने 2010 में उन्हें राज्य का ‘एडिशनल एडवोकेट जनरल’ नियुक्त किया था। इस पद पर उन्होंने लगभग चार साल तक अपनी सेवाएं दीं।
उनके करियर में एक बड़ा मोड़ 2015 में आया, जब केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में केंद्र का पक्ष रखने के लिए उन्हें एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) बनाया। इस कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई अहम और हाई-प्रोफाइल अदालती मामलों में प्रमुख केंद्रीय एजेंसियों जैसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का मजबूती से प्रतिनिधित्व किया।
सत्यदर्शी संजय की सबसे बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि तब दर्ज हुई जब 11 सितंबर 2024 को केंद्र सरकार ने उन्हें सीधे सुप्रीम कोर्ट में भारत का ‘एडिशनल सॉलिसिटर जनरल’ (एएसजी) नियुक्त किया। वे इस प्रतिष्ठित पद तक पहुंचने वाले बिहार के इतिहास के पहले वकील बने। उनसे पहले पटना हाई कोर्ट के केवल एक सीनियर एडवोकेट लाल नारायण सिन्हा को देश के सर्वोच्च कानूनी स्तर पर ऐसी बड़ी जिम्मेदारी (महान्यायवादी या सॉलिसिटर जनरल के तौर पर) सौंपी गई थी।
क्या है एडवोकेट जनरल का पद और भूमिका?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165 के तहत, एडवोकेट जनरल किसी राज्य का सर्वोच्च कानूनी अधिकारी होता है। राज्यपाल किसी व्यक्ति को इस संवैधानिक पद पर तभी नियुक्त कर सकते हैं, जब उनमें हाई कोर्ट का न्यायाधीश बनने के लिए जरूरी योग्यताएं हों।
एडवोकेट जनरल राज्य सरकार के मुख्य कानूनी सलाहकार के तौर पर कार्य करते हैं। महाधिवक्ता के तौर पर एसडी संजय अब राज्य सरकार से जुड़े सभी संवैधानिक, प्रशासनिक और अहम कानूनी मामलों में पटना हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकार की कानूनी रणनीति तैयार करने और बड़े मामलों में राज्य का पक्ष मजबूती से रखने की पूरी जिम्मेदारी अब उन्हीं के कंधों पर होगी। अपनी कानूनी प्रैक्टिस के अलावा, एसडी संजय का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ भी लंबे समय से मजबूत जुड़ाव रहा है। उन्होंने काफी समय तक बिहार भाजपा के लीगल सेल के प्रमुख के तौर पर भी काम किया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने अदालत में राज्य का पक्ष मजबूती से रखने के लिए उन पर बहुत भरोसा जताया है।
सत्यदर्शी संजय की यह नई जिम्मेदारी बिहार सरकार के लिए कानूनी मोर्चे पर एक मजबूत पक्ष रखने में सहायक होगी। उनकी नियुक्ति राज्य के कानूनी मामलों को और अधिक प्रभावी ढंग से संभालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।







