Bihar PDOT Workshop: विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे बिहार के युवाओं और कामगारों के लिए एक अच्छी खबर है। बिहार सरकार ने उनके सुरक्षित और व्यवस्थित प्रवास को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी कड़ी में सोमवार को पटना में ‘प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन ट्रेनिंग’ (PDOT) वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य विदेश जाने वालों को सही मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रदान करना है।
युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग के तहत काम करने वाले ‘बिहार राज्य विदेशी रोजगार ब्यूरो’ ने ‘नियोजन भवन’ के ‘प्रतिबिंब’ ऑडिटोरियम में यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसकी अध्यक्षता रोजगार और प्रशिक्षण निदेशक-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी और बिहार राज्य विदेशी रोजगार ब्यूरो के निदेशक सुनील कुमार ने की।






विदेश में नौकरी पक्की! बिहार सरकार का बड़ा कदम, अब नहीं होगी धोखाधड़ी
Bihar Foreign Employment: बिहार के युवाओं और कामगारों के लिए विदेश में सुरक्षित रोजगार का मार्ग अब और प्रशस्त होगा। राज्य सरकार ने विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए एक नई और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। इसी कड़ी में, युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग के तहत कार्यरत बिहार राज्य विदेशी रोजगार ब्यूरो ने हाल ही में ‘प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन ट्रेनिंग’ (PDOT) वर्कशॉप का आयोजन किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विदेश जाने वाले युवाओं को धोखाधड़ी से बचाते हुए सुरक्षित और व्यवस्थित प्रवास सुनिश्चित करना है।

सोमवार को राजधानी पटना के नियोजन भवन स्थित प्रतिबिंब ऑडिटोरियम में आयोजित इस वर्कशॉप की अध्यक्षता रोजगार और प्रशिक्षण निदेशक-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी और बिहार राज्य विदेशी रोजगार ब्यूरो के निदेशक सुनील कुमार ने की। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बिहार के युवाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता वाले विदेशी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। सुनील कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रेनर्स युवाओं को विदेश में नौकरी के लिए जाने से पहले आवश्यक जानकारी और सही मार्गदर्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अधिकृत विदेशी भर्ती एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि युवाओं को केवल सुरक्षित माध्यमों से ही रोजगार के अवसर मिलें।
प्रशिक्षकों को मिला विदेश प्रवास का पूरा ज्ञान
इस वर्कशॉप के दौरान, प्रशिक्षकों को विदेश जाने वाले कामगारों की सभी जरूरी तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। चर्चा में कार्यस्थल पर उनके अधिकार और जिम्मेदारियां, विभिन्न देशों के श्रम कानून, स्थानीय संस्कृति, सामाजिक रीति-रिवाज, सुरक्षा दिशानिर्देश और विदेश में संभावित चुनौतियों से निपटने की रणनीतियां जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। ट्रेनर्स को यह भी निर्देश दिए गए कि वे प्रवासी कामगारों को सटीक जानकारी देकर उनके सुरक्षित और सफल प्रवास के लिए कैसे तैयार करें। इस प्रशिक्षण से बिहार के युवा अब विदेश में बेहतर अवसरों का लाभ उठा सकेंगे।
eMigrate पोर्टल की बारीकियां समझाई गईं
प्रशिक्षकों को eMigrate पोर्टल और विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट का प्रभावी ढंग से उपयोग करने का भी प्रशिक्षण दिया गया। इस सत्र में ट्रेनर और संस्थान के लॉगिन, कामगारों का पंजीकरण, डेटा एंट्री, बैच प्रबंधन और आवश्यक दस्तावेजों को संभालने जैसी प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, भारतीय दूतावासों की भूमिका, आपातकालीन संपर्क प्रणालियों और विदेश में रहने के दौरान मदद पाने के लिए उपलब्ध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बारे में भी महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा की गईं।
अधिकारियों ने बताया कि PDOT प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ट्रेनर्स को इतना सक्षम बनाना है कि वे विदेश में नौकरी के इच्छुक युवाओं को प्रभावी मार्गदर्शन दे सकें। यह सुनिश्चित करना है कि उनका प्रवास सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल हो। इस प्रशिक्षण का मकसद उन्हें धोखाधड़ी करने वाली एजेंसियों और संभावित घोटालों से खुद को बचाने के बारे में जागरूक करना भी है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जैसे संयुक्त निदेशक (रोज़गार) प्रियंका कुमारी, उप निदेशक (रोज़गार) श्याम प्रकाश शुक्ला और उप निदेशक (रोज़गार) अश्वजीत कुमार पाराशर सहित राज्य के सभी ज़िलों के रोज़गार अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह पहल बिहार के युवाओं के लिए विदेश में बेहतर और सुरक्षित भविष्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सुरक्षित विदेशी रोजगार, सरकार की पहली प्राथमिकता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य के युवाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और अच्छी गुणवत्ता वाले विदेशी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि विदेश में नौकरी के लिए जाने से पहले युवाओं को आवश्यक जानकारी और सही मार्गदर्शन देने में प्रशिक्षक एक अहम भूमिका निभाएंगे। सुनील कुमार ने अधिकृत विदेशी भर्ती एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि युवाओं को सुरक्षित माध्यमों से ही रोजगार के अवसर मिलें और वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी के शिकार न हों।
प्रशिक्षकों को मिला ‘ई-माइग्रेट’ पोर्टल का विशेष ज्ञान
इस ‘बिहार PDOT वर्कशॉप’ के दौरान, प्रशिक्षकों को विदेश जाने वाले कामगारों की तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यस्थल पर अधिकार और जिम्मेदारियां, विभिन्न देशों के श्रम कानून, स्थानीय संस्कृति, सामाजिक रीति-रिवाज और सुरक्षा दिशानिर्देश जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। साथ ही, विदेश में आने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों पर भी प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे प्रवासी कामगारों को सही जानकारी देकर उनके सुरक्षित और सफल प्रवास के लिए तैयार करें।
वर्कशॉप में प्रशिक्षकों को ‘ई-माइग्रेट’ पोर्टल और विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इस सत्र में ट्रेनर और संस्थान का लॉगिन, कामगार का पंजीकरण, डेटा एंट्री, बैच प्रबंधन और जरूरी दस्तावेजों को संभालने जैसी प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया गया। इसके अलावा, भारतीय दूतावासों की भूमिका, आपातकालीन संपर्क प्रणालियों और विदेश में रहने के दौरान मदद पाने के लिए उपलब्ध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
धोखाधड़ी से बचाव और सफल प्रवास का रास्ता
अधिकारियों ने बताया कि इस PDOT प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य प्रशिक्षकों को इस तरह सक्षम बनाना है कि वे विदेश में नौकरी के इच्छुक युवाओं को प्रभावी मार्गदर्शन दे सकें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उनका प्रवास सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल हो। साथ ही, यह प्रशिक्षण उन्हें धोखाधड़ी करने वाली एजेंसियों और संभावित घोटालों से खुद को बचाने के बारे में जागरूक करने में भी मदद करेगा।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जैसे संयुक्त निदेशक (रोजगार) प्रियंका कुमारी, उप निदेशक (रोजगार) श्याम प्रकाश शुक्ला और उप निदेशक (रोजगार) अश्वजीत कुमार पाराशर भी मौजूद थे। उनके साथ राज्य के सभी जिलों के रोजगार अधिकारी भी इस पहल का हिस्सा बने। यह कार्यशाला बिहार के उन हजारों युवाओं के लिए एक नई उम्मीद जगाती है जो विदेश में बेहतर अवसरों की तलाश में हैं।









