Darbhanga SC-ST Thana: मजदूरी मांगने पर एक दलित मजदूर को न सिर्फ जातिसूचक गालियां दी गईं, बल्कि उसकी बाइक और मोबाइल भी छीन लिया गया। यह सनसनीखेज मामला दरभंगा के एससी-एसटी थाने में दर्ज हुआ है, जहाँ गनौली के छोटे पासवान ने ईंट भट्ठा मालिक अनिल सिंह और उसके पार्टनर प्रिंस सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस घटना ने मजदूरों के शोषण और जातिगत भेदभाव के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरभंगा: मजदूर ने मांगी मजदूरी, भट्ठा मालिक ने जातिसूचक गाली देकर बाइक-मोबाइल छीना, अब 50 हजार की फिरौती!
Darbhanga SC ST Police: बिहार के दरभंगा जिले में एक ईंट भट्ठा मालिक के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक मजदूर ने एससी-एसटी थाना में शिकायत दर्ज कराई है कि बकाया मजदूरी मांगने पर उसे जातिसूचक गालियां दी गईं, जान से मारने की धमकी मिली और उसकी बाइक व मोबाइल फोन छीन लिया गया। घटना के बाद आरोपी भट्ठा मालिक ने फोन वापस करने के लिए 50,000 रुपये की मांग भी की है।






मजदूर का आरोप: जाति सूचक गाली और जान से मारने की धमकी
मब्बी थाना क्षेत्र के गनौली निवासी छोटे पासवान ने दरभंगा एससी-एसटी थाना में यह प्राथमिकी दर्ज कराई है। छोटे पासवान ने पुलिस को बताया कि वह पिछले दो साल से मुजफ्फरपुर जिला के कटरा थाना क्षेत्र के तेहवाड़ा गांव निवासी भट्ठा मालिक अनिल सिंह और बेनीबाद थाना क्षेत्र के महेशवारा निवासी उनके पार्टनर प्रिंस सिंह के ईंट भट्ठा में मजदूरी का काम कर रहा था।

छोटे पासवान के अनुसार, उसने 600 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कुल 34 दिन काम किया, जिसका कुल हिसाब 20,400 रुपये बनता है। इसमें से भट्ठा मालिक ने उसे 15,000 रुपये अग्रिम दिए थे, जिसके बाद 5,400 रुपये शेष बचे थे। जब छोटे पासवान अपनी बकाया मजदूरी का पैसा मांगने गया, तो भट्ठा मालिक अनिल सिंह, उनके पुत्र बाला सिंह और पार्टनर प्रिंस सिंह ने उसे जाति सूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी।
बाइक और मोबाइल छीनकर मांगी 50 हजार की फिरौती
छोटे पासवान ने आरोप लगाया कि जब उसने जातिगत टिप्पणी करने से मना किया, तो आरोपियों ने उसकी बाइक और मोबाइल फोन छीन लिया। इस संबंध में भट्ठा मालिक अनिल सिंह ने स्पष्ट कहा कि:
‘जब तक 50 हजार रूपये नहीं दोगे तब तक तुम्हारा बाइक व मोबाइल नहीं देंगे।’
इस धमकी और फिरौती की मांग से छोटे पासवान बुरी तरह डर गया और उसने पुलिस की शरण ली।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी
दरभंगा एससी-एसटी थाना के थानाध्यक्ष अनिल कुमार रजक ने इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि छोटे पासवान की शिकायत के आधार पर भट्ठा मालिक अनिल सिंह, उनके बेटे बाला सिंह और पार्टनर प्रिंस सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
बकाया मजदूरी मांगना पड़ा भारी: जातिसूचक गालियों के साथ जान से मारने की धमकी
मब्बी थाना क्षेत्र के गनौली गांव के निवासी छोटे पासवान ने अपनी शिकायत में बताया है कि वह पिछले दो साल से भट्ठा मालिक अनिल सिंह और प्रिंस सिंह की पार्टनरशिप में चल रहे ईंट भट्ठे पर मजदूरी का काम कर रहे थे। उन्होंने 34 दिनों तक प्रतिदिन छह सौ रुपये के हिसाब से काम किया, जिसकी कुल मजदूरी 20 हजार 400 रुपये बनती थी। छोटे पासवान के अनुसार, भट्ठा मालिक द्वारा उन्हें 15 हजार रुपये का अग्रिम भुगतान किया गया था, जिसके बाद 5400 रुपये शेष बकाया थे।
जब छोटे पासवान अपनी बकाया मजदूरी मांगने गए, तो मुजफ्फरपुर जिला के कटरा थाना क्षेत्र के तेहवाड़ा गांव के रहने वाले भट्ठा मालिक अनिल सिंह, उनके पुत्र बाला सिंह और बेनीबाद थाना क्षेत्र के महेशवारा के रहने वाले पार्टनर प्रिंस सिंह ने कथित तौर पर उन्हें जाति सूचक गालियां दीं। इसके साथ ही, उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
मोबाइल-बाइक लौटाने के लिए मांगे 50 हजार रुपये
छोटे पासवान ने अपनी शिकायत में आगे बताया कि जब उन्होंने जातिसूचक गालियां देने से मना किया, तो आरोपियों ने उनकी बाइक और मोबाइल फोन छीन लिया। अनिल सिंह ने स्पष्ट कहा कि जब तक छोटे पासवान 50 हजार रुपये नहीं देंगे, तब तक उनकी बाइक और मोबाइल वापस नहीं किए जाएंगे। यह घटना मजदूरों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर रही है।
थानाध्यक्ष अनिल कुमार रजक ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, ‘प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और घटना की गंभीरता को देखते हुए गहनता से जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
इस घटना के बाद दरभंगा एससी-एसटी थाना पुलिस सक्रिय हो गई है। मजदूरों के शोषण और जातिगत उत्पीड़न के इस मामले में पुलिस की जांच जारी है, और पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीद है।









