Bihar Supply Officers: बिहार सरकार और आपूर्ति अधिकारियों के बीच चल रहा गतिरोध अब समाप्त हो गया है। 11 लाख नए लाभार्थियों को राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को लेकर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के साथ आपूर्ति अधिकारियों का विवाद सुलझ गया है। बिहार राज्य आपूर्ति सेवा संघ ने सरकार से मिले आश्वासनों के बाद सामूहिक अवकाश और चरणबद्ध आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया है। इस समझौते से राशन कार्ड वितरण का काम सुचारु रूप से जारी रहेगा।
अधिकारियों की लंबित पदोन्नति को मिली हरी झंडी
आपूर्ति अधिकारियों की प्रमुख मांगों में से एक लंबित पदोन्नति का मुद्दा था। संघ के अनुसार, विभाग ने आश्वासन दिया है कि सितंबर महीने के अंत तक सभी लंबित पदोन्नतियों को पूरा कर लिया जाएगा। पदोन्नति के लिए संबंधित फाइलें विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) को आगे की कार्रवाई के लिए भेजी जाएंगी। इस कदम से अधिकारियों को लंबे समय से प्रतीक्षित लाभ मिल सकेगा।
वेतन कटौती पर राहत और नई कैडर नियमावली
विभाग ने 84 आपूर्ति अधिकारियों के वेतन कटौती के मामले पर भी ध्यान दिया है। 17 जुलाई, 2026 को फोन पर संपर्क न हो पाने के कारण इन अधिकारियों के एक दिन का वेतन काट लिया गया था। अब विभाग अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरणों की जांच करेगा। जिन अधिकारियों को दोषी नहीं पाया जाएगा, उनका कटा हुआ वेतन बहाल किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित बिहार आपूर्ति सेवा कैडर नियमावली, 2026 के तहत आपूर्ति निरीक्षकों को ब्लॉक आपूर्ति अधिकारी (BSO) के रूप में नया पदनाम मिलेगा। नए बदलावों से सेवा कैडर में पदोन्नति के अवसरों का भी विस्तार होने की उम्मीद है। समझौते के अनुसार, पहली पदोन्नति में पे लेवल 8 के बजाय पे लेवल 9 का लाभ मिलेगा।
बिहार राज्य आपूर्ति सेवा संघ के अध्यक्ष श्रीराम मिश्रा ने कहा, “विभाग की प्रतिबद्धताओं को देखते हुए विरोध प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया है। यदि सहमत उपायों को निर्धारित समय सीमा के भीतर लागू नहीं किया गया, तो संघ अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर सकता है।”
क्षेत्रीय कार्य के लिए सरकारी वाहन और बजट सहायता
आपूर्ति अधिकारियों को आधिकारिक क्षेत्रीय कर्तव्यों के लिए वाहन सहायता भी प्रदान की जाएगी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, ब्लॉक आपूर्ति कार्यालयों और अनुमंडल स्तर पर तैनात सहायक जिला आपूर्ति अधिकारियों को किराए के सरकारी वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। इन वाहनों का उपयोग राशन दुकानों के निरीक्षण, राशन कार्ड संबंधी कार्यों को निपटाने, सहायता शिविर आयोजित करने और जन शिकायत निवारण आवेदनों की जांच के लिए किया जाएगा। विभाग ने ब्लॉक आपूर्ति कार्यालयों में स्टेशनरी, मरम्मत और रखरखाव के लिए अपर्याप्त बजट संबंधी चिंताओं को दूर करने पर भी सहमति व्यक्त की है। वास्तविक व्यय आवश्यकताओं को वार्षिक बजट प्रस्तावों में शामिल किया जाएगा, और इस संबंध में जिला अधिकारियों को स्थायी निर्देश जारी किए जाएंगे।
व्यापक प्रशासनिक मांगों पर सहमति
ये आश्वासन बिहार राज्य आपूर्ति सेवा संघ के प्रतिनिधियों और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों के बीच हुई चर्चा के बाद आए हैं। निदेशक विभूति रंजन चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में आधिकारिक वाहनों, कैडर पुनर्गठन, पे-लेवल संशोधन और लंबित पदोन्नति सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि संघ ने फिलहाल अपना विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया है, लेकिन उसने संकेत दिया है कि यदि प्रतिबद्धताओं को सहमत समय सीमा के भीतर लागू नहीं किया गया तो आंदोलन फिर से शुरू किया जा सकता है।







