Bihar Politics: 1 सितंबर को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव दिल्ली से बिहार की राजधानी पटना पहुंचे। उन्होंने पटना हाई कोर्ट के समीप स्थित हजरत पीर जलाल शाह शहीद रहमतुल्लाह अलैह के मजार पर चादरपोशी की। इस दौरान तेजस्वी यादव ने देश और प्रदेश की उन्नति के लिए दुआ मांगी।


उन्होंने आपसी एकता, भाईचारे और अमन-शांति बनाए रखने की भी प्रार्थना की। मजार पर पहुंचकर तेजस्वी यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव से जुड़े पुराने संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस मजार से उनके पिता लालू प्रसाद यादव का विशेष लगाव रहा है और वह उर्स के अवसर पर नियमित रूप से यहां आकर चादरपोशी करते थे। तेजस्वी ने कहा कि वह भी अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए इस पवित्र आस्ताने पर पहुंचे हैं।
तेजस्वी यादव ने मांगी अमन-चैन की दुआ
मजार पर चादरपोशी करने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्हें यहां आकर मानसिक सुकून मिला है। उन्होंने पीर जलाल शाह को बड़े बुजुर्गों में शामिल बताते हुए कहा कि इस आस्ताने पर श्रद्धा के साथ आने वाले लोगों की आस्था बहुत गहरी है। उन्होंने बिहार में शांति और सामाजिक सौहार्द कायम रहने की कामना की।
तेजस्वी यादव ने विशेष तौर पर बिहार की तरक्की और लोगों के बीच सौहार्द बनाए रखने के लिए दुआ की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज में शांति और आपसी भाईचारा सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य और देश की प्रगति के लिए भी सामाजिक एकता अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर तेजस्वी यादव ने एक राजनीतिक बयान भी दिया, जिसमें उन्होंने कहा:
“BJP-RSS और NDA घोर आरक्षण विरोधी… 90 नब्बे फ़ीसदी आबादी का 10 प्रतिशत भी प्रतिनिधित्व नहीं।”
नीतीश कुमार भी पहुंचे थे मजार पर
एक दिन पहले, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार भी इसी धार्मिक आयोजन से जुड़े कार्यक्रम में शामिल हुए थे। नीतीश कुमार ने 31 अगस्त 2026 को सालाना उर्स मेले के दौरान पटना हाई कोर्ट के समीप स्थित इसी मजार पर चादरपोशी की थी। उन्होंने भी बिहार में अमन-शांति और खुशहाली के लिए दुआ मांगी थी। यह दर्शाता है कि बिहार की राजनीति में धार्मिक सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।








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