Bihar Tourism: पटना: बिहार पर्यटन विभाग ने लेह-लद्दाख जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। विभाग ने सिंधु दर्शन तीर्थयात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना-2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के तहत, बिहार के स्थायी निवासियों को लेह-लद्दाख की यात्रा पर होने वाले पात्र खर्च का 50% या अधिकतम 20,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू होगी और इसका उद्देश्य धार्मिक तथा पर्यटन उद्देश्यों के लिए यात्रा को प्रोत्साहित करना है।
कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?
इस योजना के अंतर्गत, अनुदान की गणना आवेदक द्वारा किए गए पात्र यात्रा खर्च के आधार पर की जाएगी। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति 30,000 रुपये का पात्र खर्च करता है, तो उसे 15,000 रुपये की सहायता मिल सकती है, जो खर्च का 50% है। यदि पात्र खर्च 50,000 रुपये या उससे अधिक होता है, तो अधिकतम सहायता राशि 20,000 रुपये निर्धारित की गई है। यह राशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
यात्रा पूरी होने के बाद करना होगा आवेदन
आवेदकों को वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए अपनी सिंधु दर्शन यात्रा पूरी करनी होगी। यात्रा समाप्त होने के 60 दिनों के भीतर आवेदन जमा करना अनिवार्य है। आवेदन के साथ यात्रा से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण संलग्न करने होंगे। पर्यटन विभाग जमा किए गए दस्तावेजों की गहनता से जांच करेगा और यात्रा की सत्यता सुनिश्चित करेगा। इसके बाद ही योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र आवेदकों को अनुदान जारी किया जाएगा।
इन दस्तावेजों को संभालकर रखें
यात्रियों को अपनी यात्रा के दौरान प्राप्त सभी परमिट, टिकट और भुगतान रसीदों को सुरक्षित रखना होगा। ये दस्तावेज यात्रा खर्चों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके अतिरिक्त, आवेदकों को अपनी पहचान का प्रमाण और बिहार में स्थायी निवास का प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा। विभाग आवेदन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में कुछ अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग भी कर सकता है, इसलिए सभी संबंधित कागजात को यात्रा के दौरान और अनुदान आवेदन प्रक्रिया पूरी होने तक सुरक्षित रखना आवश्यक है।
योजना का उद्देश्य और लाभ
पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बताया, “सिंधु दर्शन यात्रा बिहार के लोगों को देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह योजना यात्रियों के लिए लागत को कम करके पर्यटन को बढ़ावा देगी।”
सिंधु दर्शन यात्रा यात्रियों को सिंधु नदी का भ्रमण करने और लद्दाख की ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने का अवसर प्रदान करती है। बिहार सरकार का मानना है कि यह पहल लोगों को भारत की धार्मिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ेगी, साथ ही राज्य में बिहार पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। यह योजना श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए लेह-लद्दाख की यात्रा को अधिक सुलभ और किफायती बनाएगी।
आगे क्या?
इस योजना के शुरू होने से बिहार के अधिक से अधिक निवासी लेह-लद्दाख की पवित्र सिंधु दर्शन यात्रा कर सकेंगे। उम्मीद है कि इससे राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। इच्छुक आवेदक वित्तीय वर्ष 2026-27 से इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपनी यात्रा की योजना बनाना शुरू कर सकते हैं और समय रहते आवेदन प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।






