East Champaran News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में घोड़ासहन शाखा नहर का तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सिंचाई विभाग ने इस घटना के बाद युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। यह घटना नहर के 27.49 किलोमीटर पर दाहिने तटबंध के पास हुई है।
क्षतिग्रस्त तटबंध और कारण
सिंचाई विभाग के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के कारण नहर से जुड़ी औरिया, तिलावे सहित अन्य नदियों और जलधाराओं का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे घोड़ासहन शाखा नहर में पानी का बहाव सामान्य से काफी अधिक हो गया। इसी दबाव के कारण एक पुराने आउटलेट के पास तटबंध में दरार आ गई और वह क्षतिग्रस्त हो गया।






सिंचाई विभाग की त्वरित कार्रवाई
रक्सौल स्थित घोड़ासहन नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा जारी प्रतिवेदन के मुताबिक, अभियंताओं की सतत निगरानी के दौरान रात में तटबंध की मिट्टी धंसने और अंततः टूट जाने की सूचना मिली। यह जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचित किया गया। तत्काल प्रभाव से नहर का जलप्रवाह शून्य कर दिया गया और आवश्यक रेगुलेटर खोल दिए गए। इसके तुरंत बाद ही मरम्मत कार्य प्रारंभ कर दिया गया।
फसलों को नुकसान नहीं, जल्द बहाल होगी जलापूर्ति
विभाग ने स्पष्ट किया है कि तटबंध के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद आवागमन पूरी तरह बाधित नहीं हुआ है, क्योंकि मुख्य सड़क दाहिने तटबंध पर सुरक्षित है। खेतों में गया पानी आगे नदी की ओर प्रवाहित हो रहा है, जिससे किसानों की फसलों को किसी बड़े नुकसान की आशंका नहीं है। सिंचाई विभाग ने बताया कि क्षतिग्रस्त स्थान को बंद कर दिया गया है और तटबंध को मजबूत करने का कार्य तेजी से जारी है। विभाग का लक्ष्य है कि अगले दिन दोपहर तक मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि शाम से नहर में पुनः जलापूर्ति शुरू की जा सके।
सिंचाई विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “हमारी प्राथमिकता तत्काल मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करना और किसानों के नुकसान को रोकना है। युद्धस्तर पर काम जारी है और हम जल्द ही स्थिति को सामान्य कर लेंगे।”
इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय किसानों और आम जनता को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पानी की आपूर्ति बाधित होने का डर था। विभाग की टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और जल प्रबंधन को और बेहतर बनाया जा सके।








