Bihar Kinnar Kalyan Board: बिहार सरकार ने राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, बोर्ड में मनोनीत सभी गैर-सरकारी सदस्यों की सदस्यता और मनोनयन भी समाप्त कर दिए गए हैं। सरकार ने यह महत्वपूर्ण फैसला केंद्र सरकार के ‘द ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) अमेंडमेंट एक्ट, 2026’ में हुए संशोधनों के बाद लिया है।
केंद्रीय कानून में बदलाव बना भंग करने की वजह
समाज कल्याण विभाग की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ‘द ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) अमेंडमेंट एक्ट, 2026’ में हुए संशोधनों के कारण राज्य स्तर पर बोर्ड की संरचना में बदलाव की आवश्यकता महसूस की गई। भारत सरकार के विधि और न्याय मंत्रालय ने 30 मार्च 2026 को इस संशोधन कानून को अधिसूचित किया था। इस नए कानून में किए गए बदलावों के बाद राज्य में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना अनिवार्य हो गया था। इसी आधार पर बिहार सरकार ने मौजूदा बोर्ड को नए स्वरूप में गठित करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है।
अधिसूचना में साफ कहा गया है कि नया फैसला केंद्रीय कानून में हुए संशोधनों और बोर्ड की संरचना में बदलाव की जरूरत को देखते हुए लिया गया है। सरकार का कहना है कि बदलते कानूनी प्रावधानों के अनुसार राज्य स्तर पर बोर्ड का पुनर्गठन जरूरी हो गया था।
अभी बाकी था बोर्ड का कार्यकाल
बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन 7 अगस्त 2025 को जारी एक अधिसूचना के माध्यम से किया गया था। उस समय बोर्ड को तीन साल के कार्यकाल के लिए गठित किया गया था, जिसका आधार बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड गठन नियमावली, 2015 के नियम 4(1), 4(2) और 4(3) थे। मौजूदा बोर्ड का तीन साल का कार्यकाल अभी पूरा भी नहीं हुआ था, लेकिन केंद्र स्तर पर कानून में बदलाव होने के बाद राज्य सरकार ने सभी मनोनयन समाप्त करने का फैसला किया।सरकार का उद्देश्य है कि नए बोर्ड में केवल सीमित वर्गों की भागीदारी न हो, बल्कि राज्य में निवास कर रहे ट्रांसजेंडर समुदाय के सभी समूहों को उचित प्रतिनिधित्व मिले। समाज कल्याण विभाग के आदेश के अनुसार, अब राज्य सरकार नए नियमों और केंद्रीय संशोधन कानून के प्रावधानों के अनुरूप बोर्ड के गठन की दिशा में आगे बढ़ेगी। आने वाले समय में नए बोर्ड की संरचना, सदस्यों की संख्या और अलग-अलग वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आएगी, जो ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याणकारी ढांचे को और मजबूत करेगी।








You must be logged in to post a comment.