Khagaria News: बिहार के खगड़िया जिले में खुद को बड़ा अफसर बताने वाले एक व्यक्ति का बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। यहां एक राजनीतिक पार्टी के कार्यालय के पास स्थित आलीशान मकान में डीआईयू टीम की लंबी छापेमारी से हड़कंप मच गया। शनिवार को छह घंटे तक चली इस कार्रवाई में करोड़ों की लग्जरी गाड़ियां, विदेशी शराब और अन्य विलासिता के सामान जब्त किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी मनीष गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिसने खुद को आईएएस अधिकारी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार समिति का सदस्य बताया था, लेकिन कोई प्रमाण नहीं दे सका।
खगड़िया में ‘फर्जी IAS’ का साम्राज्य ध्वस्त! घर से निकली 50 लाख की कारें और विदेशी शराब, सब हैरान
Khagaria Police Raid: बिहार के खगड़िया जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को आईएएस अफसर बताकर अकूत संपत्ति अर्जित करने वाले एक शख्स के आलीशान मकान पर डीआईयू (जिला खुफिया इकाई) की टीम ने छापा मारा। इस Khagaria Police Raid के दौरान पुलिस ने 50 लाख रुपये से अधिक कीमत की लग्जरी कारें, विदेशी शराब और विलासिता से जुड़ी कई चीजें बरामद की हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।





जमालपुर बाजार के गोगरी थाना क्षेत्र में स्थित मनीष गुप्ता के पांच मंजिला मकान पर शनिवार को दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक लगभग छह घंटे तक छापेमारी चली। गोगरी एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस और डीआईयू की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। मनीष गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, हालांकि प्रशासनिक स्तर पर बरामद सामानों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
फर्जी IAS के घर से ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ स्टीकर वाली कारें जब्त
छापेमारी के दौरान मनीष गुप्ता के घर के बाहर खड़ी दो लग्जरी चार पहिया वाहन जब्त किए गए। इनमें एक कार की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि दोनों वाहनों पर ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ का स्टीकर लगा था। पुलिस ने इन गाड़ियों को जब्त कर थाने पहुंचा दिया है। इसके साथ ही, घर से पांच कार्टन महंगी विदेशी शराब भी बरामद की गई। मनीष गुप्ता खुद को बड़ा अफसर बताते थे और कथित तौर पर खुद को आईएएस ऑफिसर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार समिति का सदस्य भी बताते थे, लेकिन पुलिस को कोई प्रमाण नहीं दिखा पाए।
पांच मंजिला आलीशान मकान में छिपा था लग्जरी का संसार
स्थानीय लोगों के अनुसार, मनीष गुप्ता का यह पांच मंजिला मकान बेहद आलीशान है। उनके घर का सौंदर्यीकरण का काम 2014 से लगातार चल रहा था, यहां तक कि 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान भी निर्माण कार्य जारी रहा। घर के चारों ओर एचडी कैमरे लगे हैं और घर में किसी भी स्थानीय व्यक्ति का आना-जाना नहीं होता था। कैमरे के जरिए वे बाहर की हर गतिविधि पर नजर रखते थे। डीआईयू की टीम को घर के अंदर स्विमिंग पूल, विदेशी कछुए, मछलियां और विलासिता से संबंधित कई अन्य सामान भी मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। मनीष गुप्ता का एक भाई अजीत गुप्ता उर्फ डंपी कनाडा में वैज्ञानिक बताया जाता है।
एसपी बोले – रिपोर्ट तैयार होने पर विस्तृत जानकारी
इस पूरे मामले पर खगड़िया के एसपी भानुप्रताप सिंह ने बताया कि डीआईयू की टीम द्वारा छापेमारी की गई है। उन्होंने कहा कि अभी रिपोर्ट तैयार की जा रही है और रिपोर्ट पूरी होने के बाद इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। पुलिस मनीष गुप्ता से यह जानने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने यह अकूत संपत्ति कैसे जमा की और खुद को आईएएस अफसर व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार समिति का सदस्य बताने के पीछे उनका क्या मकसद था।
जमालपुर बाजार में मनीष गुप्ता के पांच मंजिला आलीशान मकान पर गोगरी एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस और डीआईयू की संयुक्त टीम ने दोपहर करीब दो बजे से रात आठ बजे तक लगभग छह घंटे तक छापेमारी की। इस दौरान उनके दरवाजे पर खड़ी एक कार, जिसकी कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है, और एक एसयूवी वाहन जब्त किया गया। दोनों गाड़ियों पर ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ का स्टीकर लगा था, जिससे उनके ‘अफसर’ होने के दावे को बल मिलता था।
छापेमारी दल को घर के भीतर से पांच कार्टन महंगी विदेशी शराब भी मिली, जिसे जब्त कर लिया गया। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि मनीष गुप्ता ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति जमा की है। पूछताछ के दौरान उन्होंने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार समिति का सदस्य भी बताया, हालांकि पुलिस को अपने दावे के समर्थन में कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी को लेकर पूरे जमालपुर बाजार में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
नकली अफसर के घर का राज: स्विमिंग पूल से विदेशी कछुए तक
डीआईयू की टीम ने जब मनीष गुप्ता के घर की तलाशी ली तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। स्थानीय लोगों ने बताया कि मनीष और उनके भाई अजीत गुप्ता उर्फ डंपी इस मकान में रहते हैं। अजीत गुप्ता कनाडा में एक वैज्ञानिक हैं। पड़ोसियों के अनुसार, इनके घर में किसी स्थानीय व्यक्ति का आना-जाना नहीं था। वर्ष 2014 से लगातार घर के सौंदर्यीकरण का काम चल रहा था, यहां तक कि 2021 में कोविड महामारी के दौरान भी निर्माण कार्य निरंतर जारी रहा।
मकान के चारों ओर एचडी कैमरे लगे थे, जिससे घर में रहने वाले बाहर की हर गतिविधि पर नजर रखते थे, लेकिन खुद बाहर नहीं निकलते थे। पुलिस ने घर के अंदर से स्विमिंग पूल, विदेशी कछुए, मछलियां और विलासिता से जुड़े कई अन्य सामान भी जब्त किए हैं। यह सब मनीष गुप्ता की कथित अकूत संपत्ति की ओर इशारा करता है।
खगड़िया में जांच जारी, एसपी ने दी जानकारी
इस पूरे मामले पर खगड़िया के एसपी भानुप्रताप सिंह ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि डीआईयू की टीम ने छापेमारी की है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने के बाद आगे की सूचना सार्वजनिक की जाएगी। पुलिस अब मनीष गुप्ता के दावों और उनकी संपत्ति के स्रोतों की गहनता से जांच कर रही है, ताकि ‘नकली अफसर’ के इस बड़े खेल का पूरा सच सामने आ सके।








