AIIMS Patna Psychiatry: हाल ही में पटना स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के मनोरोग विभाग ने पाटलिपुत्र मनोरोग सोसाइटी के सहयोग से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया। सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड की अकादमिक साझेदारी में 8 अगस्त को 25वें पूर्वी क्षेत्र मनोरोग स्नातकोत्तर (पीजी) सीएमई 2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्वी क्षेत्र के मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों से 50 से अधिक प्रतिनिधि, 100 स्नातकोत्तर छात्र और 30 संकाय सदस्य शामिल हुए, जिससे यह मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा समागम बन गया।
व्यावहारिक ज्ञान पर जोर और अकादमिक सहयोग
इस सीएमई का मुख्य उद्देश्य मनोरोग विज्ञान में सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक नैदानिक अनुप्रयोग के बीच की कड़ी को मजबूत करना था। कार्यक्रम में अकादमिक चर्चाएँ, इंटरैक्टिव लर्निंग सेशन और पेशेवर नेटवर्किंग के अवसर प्रदान किए गए। आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन युवा मनोचिकित्सकों की अकादमिक और पेशेवर क्षमताओं को सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया था। पूर्वी भारत के विभिन्न संस्थानों से मिली व्यापक भागीदारी ने ज्ञान साझा करने और मनोरोग देखभाल के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकासों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।






प्रो. (डॉ.) राजू अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक, AIIMS पटना ने कहा, “मनोरोग विज्ञान में निरंतर सीखने, साक्ष्य-आधारित नैदानिक अभ्यास और पेशेवर उत्कृष्टता का अत्यधिक महत्व है। हम युवा चिकित्सा पेशेवरों के बीच अकादमिक गतिविधियों और व्यावसायिक विकास के अवसरों को मजबूत करने के लिए अपना पूरा सहयोग जारी रखेंगे।”
युवा चिकित्सकों को मिला मार्गदर्शन
इस कार्यक्रम का नेतृत्व आयोजन अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पंकज कुमार ने किया, जबकि आयोजन सह-अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) नूपुर निहारिका ने पूरे आयोजन में मार्गदर्शन प्रदान किया। आयोजन सह-सचिव डॉ. शंभू प्रसाद और अर्चना सिंह ने कार्यक्रम की योजना और निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. सुजीत सरखेल और विपिन कुमार ने भी अकादमिक सत्रों में योगदान दिया। इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी, पूर्वी क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. उदय कुमार सिन्हा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया और अकादमिक उत्कृष्टता तथा करुणामय रोगी देखभाल पर प्रतिभागियों को संबोधित किया।
निरंतर सीखने और साक्ष्य-आधारित अभ्यास पर बल
AIIMS पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) राजू अग्रवाल मुख्य अतिथि थे। उन्होंने मनोरोग विज्ञान में निरंतर सीखने, साक्ष्य-आधारित नैदानिक अभ्यास और पेशेवर उत्कृष्टता के महत्व पर जोर दिया। डॉ. अग्रवाल ने युवा चिकित्सा पेशेवरों के बीच अकादमिक गतिविधियों और व्यावसायिक विकास के अवसरों को मजबूत करने के लिए संस्थान के समर्थन को भी दोहराया। आयोजकों ने बताया कि इस सीएमई ने पूर्वी क्षेत्र के मनोरोग संस्थानों के बीच अकादमिक सहयोग को मजबूत किया और स्नातकोत्तर छात्रों तथा संकाय सदस्यों को वैज्ञानिक आदान-प्रदान एवं ज्ञान साझा करने के अवसर प्रदान किए। आयोजकों ने कार्यक्रम में उनके योगदान के लिए सभी संकाय सदस्यों, प्रतिनिधियों, स्नातकोत्तर छात्रों, वक्ताओं, सहयोगियों और आयोजन टीम को धन्यवाद दिया।








