Bihar Weather: मॉनसून की सक्रियता के बीच बिहार में बीते रविवार को कई जगहों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 20 जिलों के लिए बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। यह बारिश का सिलसिला 12 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है, खासकर उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका है।
बिहार में सामान्य से 35% कम बारिश
लगातार हो रही बारिश के बावजूद, इस मॉनसून सीजन में बिहार में सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। 8 अगस्त तक राज्य में सामान्य 566.6 मिमी के मुकाबले केवल 365.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो 35% की कमी दर्शाता है। हालांकि, 15 अगस्त के बाद राज्य में मौसम की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है, लेकिन तब तक कई इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।





मौसम विभाग, पटना ने एक ट्वीट के माध्यम से बिहार में मौसम चेतावनी जारी की है, जिसमें अगले 7 दिनों के लिए बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
नदियों का बढ़ा जलस्तर, बाढ़ का खतरा
लगातार बारिश और नेपाल में हुई वर्षा के कारण उत्तर बिहार के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। मुजफ्फरपुर में बागमती नदी उफान पर है, जिससे बकुची गांव के 12 से अधिक घर जलमग्न हो गए हैं। बगहा में गंडक नदी का पानी दो पंचायतों के लगभग 300 घरों में घुस गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- बेगूसराय: मटिहानी प्रखंड के महेंद्रपुर गांव के पास गंगा नदी के कटाव ने गंभीर रूप ले लिया है।
- खगड़िया: गंगा का बढ़ता जलस्तर निचले इलाकों में फैल गया है। परबत्ता प्रखंड के नयागांव दियारा को जोड़ने वाला पुलिया पूरी तरह डूब गया है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है।
इन 19 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 8 से 12 अगस्त के बीच बिहार के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य बारिश की गतिविधि रहने की उम्मीद है। 9 अगस्त को भी राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इसके अलावा, 13 और 14 अगस्त को अधिक तीव्र बारिश की संभावना है, जिससे नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है और कुछ जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
13-14 अगस्त के लिए 19 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें शामिल हैं:
- जहानाबाद
- सारण
- सीवान
- बक्सर
- गया
- पटना
- बेगूसराय
- समस्तीपुर
- दरभंगा
- मधुबनी
- पूर्णिया
- किशनगंज
- अररिया
- सहरसा
- सुपौल
- खगड़िया
- भागलपुर
- लखीसराय
कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसी स्थिति
राज्य में कुल बारिश की कमी के बावजूद, जिलों के बीच भारी असमानता देखने को मिल रही है। पश्चिम चंपारण में 117.1% अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि सीवान में सामान्य से 14.1% अधिक बारिश हुई है। शेखपुरा में 68% अतिरिक्त बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, कई अन्य जिले अभी भी गंभीर रूप से बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं। अरवल, औरंगाबाद और रोहतास में अब तक बहुत कम बारिश हुई है।
इसके साथ ही कैमूर, बक्सर, भोजपुर, नवादा, जमुई, बांका, किशनगंज, अररिया और मधुबनी में भी सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश के इन विरोधाभासी पैटर्न का मतलब है कि जहां बिहार के कुछ हिस्से नदियों के बढ़ते जलस्तर और जलजमाव से जूझ रहे हैं, वहीं अन्य जिले मॉनसून की महत्वपूर्ण कमी का सामना कर रहे हैं, जिससे कृषि और जनजीवन पर गहरा असर पड़ रहा है।








