
मधेपुरा पुलिस सस्पेंशन: मधेपुरा में पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है! जिले के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए तीन थानाध्यक्षों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कार्य में लापरवाही और जनता की शिकायतों के प्रति उदासीन रवैये को गंभीरता से लेते हुए की गई है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने मधेपुरा में अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यशैली को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने भर्राही थाना के अरमोद कुमार सिंह, बिहारीगंज थाना के कृष्ण कुमार सिंह और पुरैनी थाना के चंद्रजीत प्रभाकर को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करते हुए निलंबित कर दिया है। यह फैसला लगातार मिल रही शिकायतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि निलंबित किए गए थानाध्यक्ष अपराधियों की गिरफ्तारी में सुस्ती बरत रहे थे, एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी कर रहे थे और आम लोगों की शिकायतों के प्रति उनका रवैया नकारात्मक था। यह जांच एसडीपीओ मधेपुरा, एसडीपीओ उदाकिशुनगंज और डीएसपी मुख्यालय द्वारा सौंपी गई थी, जिसके बाद एसपी ने यह कठोर कार्रवाई की।
मधेपुरा पुलिस सस्पेंशन: लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
एसपी संदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण मधेपुरा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिले के सभी थानाध्यक्षों और पुलिस पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आम लोगों को त्वरित न्याय और बेहतर पुलिसिंग उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिकायत मिलने पर आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए फिलहाल तीनों थानों में अपर थानाध्यक्षों को अस्थायी प्रभार सौंप दिया गया है। जल्द ही नियमित थानाध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। यह मधेपुरा पुलिस सस्पेंशन एसपी संदीप सिंह की सख्त कार्यशैली का प्रमाण है। इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण मधेपुरा को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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