Mohammad Kaif sexual harassment: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के भाई और रणजी खिलाड़ी मोहम्मद कैफ पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि कैफ ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया और फिर धमकी भी दी। इस मामले में लखनऊ के आशियाना थाने में मोहम्मद कैफ और उनके भाई हसीब के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पीड़िता के अनुसार, उसकी मुलाकात मोहम्मद कैफ से साल 2020 में हुई थी। महिला तलाकशुदा है और अपने बच्चे के साथ रहती है। आरोप है कि कैफ ने उससे शादी का वादा किया और कई जगहों व होटलों में ले जाकर उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता का यह भी कहना है कि आरोपी के लगातार दबाव बनाने के कारण उसे 2026 में एयरलाइंस की अपनी केबिन क्रू की नौकरी भी छोड़नी पड़ी थी।

पहली मुलाकात कोलकाता में, फिर शोषण और धमकी
पीड़िता ने बताया कि उनकी पहली मुलाकात कोलकाता में हुई थी, जिसके बाद यह सिलसिला शुरू हो गया। सितंबर 2023 में, कैफ ने उन्हें कोलकाता के एक होटल में बुलाया। यहां शादी का भरोसा देकर पहली बार उसका शारीरिक शोषण किया गया। इसके बाद मोहम्मद कैफ लगातार शादी की बात टालते रहे। महिला का आरोप है कि आईपीएल ऑक्शन के बाद भी उन्होंने शादी करने का बहाना बनाया।
जब महिला ने कैफ पर शादी के लिए लगातार दबाव डाला, तो उनके भाई हसीब ने उन्हें अमरोहा स्थित अपने घर बुलाया। आरोप है कि 19 मई को वहां पहुंचने पर हसीब और उनके परिजनों ने महिला को डराया-धमकाया और साफ कह दिया कि कैफ उससे शादी नहीं करेगा।
आशियाना थाना पुलिस का कहना है कि दर्ज शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जुटाए गए सबूतों के हिसाब से आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पॉडकास्ट हटवाने का दबाव और पुलिस कार्रवाई
पीड़िता ने बताया कि जब उसने एक पॉडकास्ट के जरिए अपनी बात सार्वजनिक की, तो कैफ ने उसे झांसे में लेकर वह वीडियो हटवा दिया। आरोप है कि जैसे ही इंटरनेट से वह कंटेंट हटा, मोहम्मद कैफ अपने वादे से फिर मुकर गए। शुरुआत में आशियाना पुलिस ने घटना का इलाका बाहर का बताकर केस दर्ज करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद महिला ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रविवार, 13 सितंबर की रात को कैफ और हसीब के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
इस गंभीर मामले में पुलिस अब सबूत जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी, जिससे पीड़िता को न्याय मिल सके।






