बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बुधवार को कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार जहां हर बीमारी और रोगियों को लेकर गंभीर है, वहीं खसरा (मीजल्स) जैसी संक्रामक बीमारी के लिए नई पहल की गई है।
मंगल पांडेय ने कहा कि विभाग शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रति गंभीर है। इसको ध्यान में रखते हुए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में मीजल्स के टीके को भी शामिल किया गया है।उन्होंने कहा कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, अधीक्षक एवं सिविल सर्जन को मीजल्स के सभी संभावित केसेस के सैंपल एम्स, पटना में लैब कन्फर्मेशन के लिए भेजने के लिए निर्देशित किया गया है, ताकि मीजल्स रोगियों को यथाशीघ्र चिकित्सकीय लाभ प्राप्त हो सके।
खसरा की जांच के लिए पहले राज्य में लैब नहीं था, जिससे मीजल्स रोग प्रबंधन में चिकित्सकों को परेशानी होती थी लेकिन स्वास्थ्य विभाग की पहल से इस समस्या को दूर कर लिया गया है। अब मीजल्स का लैब कन्फर्मेटरी टेस्ट एम्स, पटना में किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य के सभी जिलों से संदिग्ध रोगियों के सैंपल एम्स भेजे जाएंगे और फिर उसकी जांच की जाएगी। आमजनों को ध्यान में रखते हुए यह जांच पूरी तरह से निःशुल्क की जाएगी। पूर्व में मीजल्स की जांच सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण लक्षणों के आधार पर इलाज होता था लेकिन जांच सुविधा उपलब्ध होने से ससमय मीजल्स की पहचान हो सकेगी एवं रोग का अधिक प्रभावी प्रबंधन हो सकेगा।







