Bihar NEET Student Death: बिहार की राजधानी पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। विशेष पॉक्सो अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए जांच की कई कमियों पर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूत इकट्ठा करने में बरती गई कथित लापरवाही को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान, अदालत ने सीबीआई के वकील को भी फटकार लगाई। न्यायाधीश ने जांच से जुड़े अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के संकेत दिए हैं। इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को निर्धारित की गई है।
पटना में NEET छात्रा की मौत, CBI जांच पर कोर्ट का गुस्सा! अब क्या होगा?
Bihar NEET Student Death: बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आया है। पटना की विशेष पॉक्सो अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई की। इस दौरान अदालत ने जांच में बरती गई कथित ढिलाई और कई अहम बिंदुओं की अनदेखी पर केंद्रीय जांच एजेंसी की वकील को कड़ी फटकार लगाई है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 नवंबर की तारीख तय की है। इस तारीख पर सीबीआई और पटना पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को अदालत के तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा। अदालत ने जांच के दौरान सामने आए अस्पष्ट पहलुओं पर दोनों जांच एजेंसियों से जवाब तलब करने के संकेत दिए हैं।
यह मामला जनवरी की शुरुआत का है, जब चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा 6 जनवरी को अपने कमरे में अचेत अवस्था में मिली थी। छात्रा को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। छात्रा के पिता की शिकायत पर 9 जनवरी को थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिसमें मृतका के शरीर पर चोटों के निशान होने का आरोप लगाया गया था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पहले बिहार पुलिस की एसआईटी ने छानबीन शुरू की थी। बाद में राज्य सरकार की सिफारिश पर यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। फॉरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों पर संदिग्ध जैविक अवशेष मिले थे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी चोटों की पुष्टि हुई थी। इसके बाद सीबीआई ने करीब 30 संदिग्धों के डीएनए नमूने लिए, लेकिन किसी का भी मिलान नहीं हो सका।
लगभग आठ महीने लंबी जांच के बाद सीबीआई ने अदालत में यह कहते हुए क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी कि ‘किसी भी आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।’
मृतका के परिजनों ने इस रिपोर्ट पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई और अदालत से निष्पक्ष न्याय की गुहार लगाई। अब अदालत यह तय करेगी कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या फिर जांच एजेंसियों को नए सिरे से पड़ताल के निर्देश दिए जाएं। इस मामले में अगली सुनवाई पर न्याय की दिशा तय होने की उम्मीद है।
CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर अदालत के तीखे सवाल
लगभग आठ महीने की पड़ताल के बाद सीबीआई ने अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। इस रिपोर्ट में एजेंसी ने दावा किया था कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि, मृतका के परिवार ने इस रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। मंगलवार को विशेष पॉक्सो अदालत में इस रिपोर्ट पर सुनवाई हुई, जहां जांच में हुई कथित चूक पर सवाल उठाए गए। अदालत ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को एकत्र करने के तरीके पर भी सवाल खड़े किए हैं।
अदालत ने सीबीआई की वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि जांच में गंभीर लापरवाही बरती गई है। यह मामला एक छात्रा की मौत से जुड़ा है और इसमें कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्या हुआ था शंभू गर्ल्स हॉस्टल में?
यह घटना पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ी है, जहां मृत छात्रा NEET की तैयारी कर रही थी। छात्रा 5 जनवरी 2026 को हॉस्टल पहुंची थी। इसके अगले ही दिन, 6 जनवरी 2026 को वह अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिली। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां 11 जनवरी 2026 को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
इस दुखद घटना के बाद परिवार ने छात्रा की मौत की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाए थे। परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के निशान होने की बात कही थी और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। छात्रा के पिता की शिकायत पर 9 जनवरी 2026 को चित्रगुप्त नगर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी।
जांच का लंबा सफर: SIT से CBI तक
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, बिहार पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने शुरुआती जांच शुरू की थी। बाद में, बिहार सरकार ने जांच को सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया। केंद्रीय एजेंसी ने मामले के विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल की और कई लोगों से पूछताछ भी की।
जांच के दौरान मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्टें सामने आईं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर चोट के निशान का उल्लेख था। वहीं, फॉरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म के अंश मिलने की बात सामने आई थी, जिसके बाद डीएनए जांच भी कराई गई। एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 30 लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए थे, लेकिन किसी भी सैंपल का मिलान संबंधित अंश से नहीं हो सका। इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर सीबीआई ने ‘पर्याप्त ठोस सबूत न मिलने’ का हवाला देते हुए क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी।
परिवार की न्याय की गुहार और अगली सुनवाई
सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद, मृतका का परिवार न्याय की उम्मीद में अदालत पहुंचा। छात्रा की मां ने अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाई है। परिवार को रिपोर्ट पर अपनी आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिला है और अब अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई जारी है।
ताजा सुनवाई में जांच के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर सवाल उठे, खासकर सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूत जुटाने में कथित लापरवाही का मुद्दा। अदालत ने इस पर अपनी नाराजगी स्पष्ट रूप से जाहिर की है। हालांकि, मामले में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है। विशेष पॉक्सो अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 नवंबर की तारीख तय की है। आगामी सुनवाई में सीबीआई की जांच और पटना पुलिस की एसआईटी की भूमिका से जुड़े सवालों पर और अधिक चर्चा होने की उम्मीद है। अदालत के सामने अब सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट है, जिसे वह स्वीकार कर सकती है या आगे की जांच का निर्देश दे सकती है। फिलहाल, इस संवेदनशील Bihar NEET Student Death मामले में अंतिम निर्णय का इंतजार है।







