पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के आवास पर भोज करने आए ब्राह्मणों ने अपने साथ हुए अपमान को लेकर आज हंगामा किया। दरअसल ब्राह्मणों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भारी फजीहत होने के बाद आज अपने आवास पर ब्राह्मणों को भोज के लिए आमंत्रित किया था।
उनके निमंत्रण पर बड़ी संख्या में ब्राहमण समाज के लोग उनके आवास पर भोज करने पहुंचे । मांझी ने खुद अपने हाथों से ब्राह्मणों को दही चूड़ा परोसा लेकिन वहां ब्राह्मणों के साथ धक्का मुक्की हो गई और ब्राह्मण नाराज होकर बिना खाए ही बाहर निकल गये।
पूर्व मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर पहुंचे कुछ लोगों ने मांझी के बयान के विरोध में हंगामा किया। इसके बाद मांझी समर्थकों ने उन्हें खदेड़कर बाहर कर दिया। आवास परिसर के बाहर भी मांझी समर्थकों के साथ विरोध कर रहे लोगों की झड़प हुई। इसके बाद कुछ लोगों ने मीडिया के सामने बयान दिया कि मांझी समर्थकों ने भोज में बुलाकर अपमान किया है। उन्हें धक्के देकर आवास से बाहर निकाला गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच मांझी ने आमंत्रित लोगों के साथ बैठकर चूड़ा-दही-गुड़ और सब्जी खाई।
मांझी ने अपने भोज में आमंत्रित ब्राह्मणों के लिए शर्त रही थी कि उनके वहां ऐसे ब्राह्मण आये जो मांस-मदिरा और मछली का सेवन नहीं करते हों, जो ब्राह्मण चोरी डकैती नहीं की हो। इसी बात को लेकर वहां विवाद हो गया। ब्राह्णणों को इसी बात की आपत्ति थी।
मांझी के सरकारी आवास पर सोमवार को दोपहर 12:30 बजे ब्राह्मण-दलित एकता भोज का आयोजन किया गया था। पहले केवल पंडितों को ही भोज में शामिल होने का न्योता दिया गया था। शर्त थी कि जो मांस-मदिरा का सेवन ना करते हों और कभी चोरी डकैती ना की हो वह शामिल हो सकते हैं। बाद में थोड़ा परिवर्तन किया गया है। दलितों को भी इसमें जोड़ा गया। इसके बाद भोज से पहले मीनू सामने आ गया था। चूड़ा-दही और तिलकुट के साथ बिना लहसुन-प्याज की सब्जी भोज में परोसी गई।
ब्राह्मण ने कहा कि बिहार में शराबबंदी है फिर यहां मदिरा पीने की बात कैसे कर रहे वो, हम लोग मांझी जी से यही पूछने आए हैं। ब्राह्मणों ने कहा, हम मांझी जी से मिलना चाहते थे, लेकिन हमारे साथ धक्का-मुक्की हुई। एक ओर भोज देते हैं और बैठने नहीं देते, ब्राह्मणों को गाली देते हैं।
माहौल गर्म होने के बाद हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा सेकुलर के प्रवक्ता दानिश रिज़वान ने नाराज़ ब्राह्मणों को समझाने की कोशिश करते हुए कहा यहां दलित ब्राह्मण भोज एकता के लिए कराई जा रही है। आपको कोई शिकायत है तो चलकर बैठकर बात करें लेकिन नाराज़ ब्राह्मणों ने कोई बात नहीं सुनी। उन्होंने भोज का बहिष्कार करते हुए कहा कि मांझी सिर्फ राजनीति कर रहे हैं।
भोज में शामिल होने के लिए काफी संख्या में लोग जुट गए थे, हालांकि इनमें ब्राह्मणों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। भीड़ में बड़ी तादाद पत्रकारों की की थी। भोज शुरू होते ही फोटो सेशन के चक्कर में अव्यवस्था उत्पन्न हो गई। मांझी के साथ दिखने की चाहत में कई लोग तो भोजन की थाली में ही गिर पड़े।

















