
Tejashwi Yadav: बिहार की राजनीति में 168वें विजयोत्सव के मौके पर एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। राजद नेता शैलेंद्र प्रताप सिंह ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मिलकर न सिर्फ शुभकामनाएं दीं, बल्कि एक बड़ा दावा भी किया।
168वें विजयोत्सव के शुभ अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानी वीर कुंवर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अंगवस्त्र और मोमेंटो भेंट कर तेजस्वी यादव को विजयोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
वीर कुंवर सिंह को सम्मान देने में RJD का योगदान
मुलाकात के बाद शैलेंद्र प्रताप सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वीर कुंवर सिंह के सम्मान को सच्चे अर्थों में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम राष्ट्रीय जनता दल ने ही किया है। उन्होंने याद दिलाया कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में ही वीर कुंवर सिंह के नाम पर एक विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, जो उनके अतुलनीय योगदान को स्थायी रूप से याद रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। शैलेंद्र प्रताप सिंह ने आगे बताया कि तेजस्वी यादव ने भी इस परंपरा को आगे बढ़ाया है, जिसके तहत भोजपुर और सारण को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पुल का नामकरण वीर कुंवर सिंह के नाम पर किया गया है। इससे न केवल क्षेत्रीय विकास को गति मिली, बल्कि महान योद्धा की स्मृति भी जन-जन तक पहुंची।
क्षत्रिय समाज और Tejashwi Yadav का संबंध
शैलेंद्र प्रताप सिंह ने जोर देकर कहा कि Tejashwi Yadav ने हमेशा क्षत्रिय समाज को सम्मान देने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण क्षत्रिय समाज हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। यह बात बिहार की राजनीतिक गलियारों में एक महत्वपूर्ण संदेश के तौर पर देखी जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







