Bihar Ration Card: बिहार में 11 लाख नए लाभार्थियों को चिह्नित कर Bihar राशन कार्ड बनाने को लेकर सरकार और आपूर्ति पदाधिकारियों के बीच चल रहा गतिरोध अब शांत हो गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बिहार राज्य आपूर्ति सेवा संघ की कई मांगों पर सहमति जताई है, जिसके बाद संघ ने सामूहिक अवकाश का अपना फैसला वापस ले लिया है। चरणबद्ध आंदोलन भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
संघ के अध्यक्ष श्रीराम मिश्रा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा दिए गए आश्वासनों पर भरोसा करते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर मांगों पर अमल नहीं हुआ, तो संघ दोबारा आंदोलन पर विचार कर सकता है।


आपूर्ति अधिकारियों को मिला प्रमोशन और बेहतर पे-लेवल
आपूर्ति पदाधिकारियों के लंबित प्रमोशन को लेकर भी विभाग ने सहमति जताई है। संघ अध्यक्ष के अनुसार, इस महीने के अंत तक सभी लंबित प्रमोशन देने का आश्वासन दिया गया है। इसके लिए संबंधित फाइल विभागीय प्रोन्नति समिति को भेजी जाएगी, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे अधिकारियों को राहत मिलेगी। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में, पहली प्रोन्नति पर अधिकारियों को पे-लेवल 8 की जगह पे-लेवल 9 देने का प्रावधान किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा।
संघ अध्यक्ष श्रीराम मिश्रा ने कहा, “विभाग की ओर से दिए गए आश्वासनों पर भरोसा करते हुए आंदोलन स्थगित किया गया है। तय समय सीमा में मांगों पर अमल नहीं हुआ तो संघ दोबारा आंदोलन पर विचार करेगा।”
वेतन कटौती पर राहत और नए पदनाम की सौगात
वर्ष 2026 में 17 जुलाई को फोन पर संपर्क नहीं होने के कारण 84 आपूर्ति अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटा गया था। इस मामले में भी विभाग ने राहत देने का फैसला किया है। अधिकारियों से मिले स्पष्टीकरण की जांच की जाएगी और जो अधिकारी निर्दोष पाए जाएंगे, उनकी वेतन कटौती वापस कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, नई बिहार आपूर्ति सेवा संवर्ग नियमावली 2026 के तहत आपूर्ति निरीक्षक का पदनाम बदलकर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) कर दिया जाएगा। यह नई नियमावली 2007 की नियमावली का स्थान लेगी, जिससे संवर्ग का पुनर्गठन होगा और प्रोन्नति के अवसर बढ़ेंगे।
हर प्रखंड और अनुमंडल में मिलेगी सरकारी वाहन सुविधा
राशन दुकानों की जांच और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आपूर्ति अधिकारियों को अब वाहन की सुविधा मिलेगी। हर प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में और अनुमंडल स्तर पर तैनात सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को किराए पर सरकारी वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। इन वाहनों का उपयोग राशन दुकानों की जांच, राशन कार्ड बनाने और रद्द करने, सहयोग शिविर और लोक शिकायत निवारण से जुड़े आवेदनों की जांच जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जाएगा। प्रखंड आपूर्ति कार्यालयों में स्टेशनरी, मरम्मत और रखरखाव के लिए बजट की कमी की समस्या पर भी सहमति बनी है। अब हर वित्तीय वर्ष की बजट मांग में वास्तविक खर्च को शामिल किया जाएगा और इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को स्थायी आदेश जारी किए जाएंगे।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निदेशक विभूति रंजन चौधरी की अध्यक्षता में संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई इस बैठक में क्षेत्रीय सप्लाई अधिकारियों को वाहन देने, कैडर पुनर्गठन, पे-लेवल में सुधार और लंबित प्रमोशन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और सहमति बनी। इन फैसलों के बाद फिलहाल आपूर्ति पदाधिकारियों का आंदोलन टल गया है, जिससे राज्य में राशन वितरण और अन्य आपूर्ति संबंधी कार्यों में सुचारुता आने की उम्मीद है।







