Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 4 मार्च को भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, खासकर पश्चिम एशियाई देशों में बढ़ते संघर्षों के कारण, भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह लुढ़क गए। यह गिरावट उन कंपनियों के शेयरों पर विशेष रूप से भारी पड़ी जिनका पश्चिम एशियाई बाजारों से गहरा संबंध है।
# शेयर बाजार में भारी गिरावट: जानें क्या रहा ‘Stock Market’ के गिरने का मुख्य कारण
बुधवार, 4 मार्च को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर नोट पर हुई। शुरुआती कारोबार में, दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और Nifty, में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1122 अंकों से अधिक लुढ़ककर 78590 के करीब बंद हुआ, जबकि Nifty भी 385 अंकों की गिरावट के साथ 24480 के स्तर पर बंद हुआ। इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ने की आशंका है।
## Stock Market का पश्चिमी एशियाई संघर्षों से कनेक्शन
शुरुआती कारोबार में उन शेयरों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा, जिनका पश्चिम एशियाई देशों से गहरा संबंध है। इनमें पेट्रोनेट LNG और L&T जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। पेट्रोनेट LNG भारत में गैस का एक बड़ा आयातक है, जबकि L&T एक इंफ्रास्ट्रक्चर दिग्गज है जो खाड़ी देशों में कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इन कंपनियों के अलावा, महानगर गैस (8.50% नीचे), इंद्रप्रस्थ गैस (5% नीचे) और गुजरात गैस (4% नीचे) के शेयरों को भी खासा नुकसान झेलना पड़ा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पेट्रोनेट LNG के शेयरों में लगभग 12% की भारी गिरावट दर्ज की गई। बाद में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली, लेकिन दोपहर करीब 12:30 बजे इसके शेयर 29.35 रुपये या 9.51% की गिरावट के साथ 279.30 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। कंपनी के शेयरों में यह गिरावट उन रिपोर्टों के बीच आई, जिनमें दावा किया गया था कि कतर ने अपनी सुविधा पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद प्राकृतिक गैस का उत्पादन बंद कर दिया है। कतर भारत में आयात होने वाली प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। उत्पादन रुकने से भारत में गैस की कमी हो सकती है और कीमतों में भारी उछाल की आशंका है।
## गैस सेक्टर को लगा बड़ा झटका
इसी तरह, दोपहर 12:30 बजे महानगर गैस लिमिटेड (MGL) के शेयर 104.30 रुपये या 8.64% की गिरावट के साथ 1103 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे। MGL बड़े शहरों में गैस का वितरक है और यह लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) भी आयात करता है, जिसमें पश्चिम एशिया एक बड़ा आपूर्तिकर्ता है। यह महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलावा मुंबई, ठाणे जिले के शहरी इलाकों और आस-पास की नगर पालिकाओं को आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए गैस की आपूर्ति करता है। इस क्षेत्र में आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
## L&T के शेयरों पर मध्य-पूर्व संकट का साया
मध्य-पूर्व में बढ़ते संघर्ष का असर उन शेयरों पर भी पड़ा है, जिनका पश्चिमी एशियाई देशों से गहरा संबंध है। इनमें से एक लार्सन एंड टुब्रो (L&T) भी है। L&T के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 55% तक) अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं से आता है। इनमें से कई परियोजनाएं खाड़ी देशों में चल रही हैं। ऐसे में ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने इंफ्रास्ट्रक्चर की इस बड़ी कंपनी के निवेशकों को चिंता में डाल दिया। यही वजह है कि कल कंपनी के शेयरों में 7% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
L&T के शेयर निफ्टी 50 में शामिल उन कंपनियों में से थे, जिन्हें कल सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा। दोपहर 12:30 बजे के करीब स्टॉक 252.60 रुपये या 6.21% की गिरावट के साथ 3,814.10 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इसके 52-वीक का हाई और 52-वीक का लो क्रमशः 4440.00 रुपये और 2965.30 रुपये है। वैश्विक अनिश्चितता के दौर में, निवेशक ऐसे शेयरों से दूरी बना रहे हैं जिनमें भू-राजनीतिक जोखिम अधिक हो। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
## निवेशकों के लिए आगे की राह
मौजूदा भू-राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में, जिनका मध्य-पूर्व से सीधा संबंध है, अस्थिरता बनी रह सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक इन क्षेत्रों के शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। पोर्टफोलियो में विविधता और गहन शोध के साथ निवेश निर्णय लेना इस समय महत्वपूर्ण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






