spot_img

सूर्य और चंद्र ग्रहण की पौराणिक कथा: Grahan Ki Kahani

spot_img
- Advertisement -

Grahan Ki Kahani: ब्रह्मांड की हर घटना के पीछे एक गहरा आध्यात्मिक रहस्य छिपा होता है, और सूर्य व चंद्र ग्रहण भी उन्हीं में से एक हैं। इन्हें केवल एक खगोलीय परिघटना मानना हमारी आध्यात्मिक विरासत के साथ न्याय नहीं होगा। भारतीय सनातन परंपरा में ग्रहण को लेकर एक अत्यंत रोचक और महत्वपूर्ण पौराणिक कथा प्रचलित है, जिसका सीधा संबंध समुद्र मंथन से है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

सूर्य और चंद्र ग्रहण की पौराणिक कथा: Grahan Ki Kahani

समुद्र मंथन और Grahan Ki Kahani का रहस्य

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने मिलकर क्षीरसागर का मंथन किया, तब उसमें से 14 रत्न निकले। अंत में धन्वंतरि देव अमृत कलश लेकर प्रकट हुए। इस अमृत को पीकर देवता अमर होना चाहते थे, परंतु असुर भी इस पर अपना अधिकार जमाना चाहते थे। ऐसे में भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर देवताओं और असुरों को पंक्तिबद्ध कर दिया, ताकि वे बारी-बारी से अमृत पान कर सकें।

- Advertisement -

मोहिनी रूप में भगवान विष्णु देवताओं को अमृत पिला रहे थे, तभी एक असुर ‘स्वरभानु’ (बाद में राहु केतु के नाम से विख्यात) छल से देवताओं की पंक्ति में जा बैठा। उसने सूर्य और चंद्र देव के साथ बैठकर अमृत पान करने का प्रयास किया। जैसे ही अमृत उसके कंठ तक पहुंचा, सूर्य और चंद्र देव ने उसे पहचान लिया और तुरंत भगवान विष्णु को इसकी सूचना दी। भगवान विष्णु ने बिना विलंब किए अपने सुदर्शन चक्र से स्वरभानु का सिर धड़ से अलग कर दिया।

- Advertisement -

परंतु तब तक स्वरभानु अमृत की कुछ बूंदें पी चुका था, जिससे उसका सिर और धड़ दोनों अमर हो गए। उसका सिर ‘राहु’ और धड़ ‘केतु’ कहलाया। चूंकि सूर्य और चंद्र देव ने राहु-केतु के छल का भंडाफोड़ किया था, इसलिए राहु-केतु ने उनसे शत्रुता मान ली। ऐसा माना जाता है कि इसी शत्रुता के कारण राहु-केतु समय-समय पर सूर्य और चंद्र को ग्रसते हैं, जिससे सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण लगते हैं। यह केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि एक प्राचीन पौराणिक प्रतिशोध का परिणाम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

ग्रहण काल में विशेष नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है। इस दौरान जप-तप और ध्यान करने से आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं। साथ ही, ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए कई उपाय भी किए जाते हैं। धार्मिक दृष्टि से यह समय आत्मचिंतन और दान-पुण्य के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।

धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

ग्रहण की यह कथा हमें बताती है कि कैसे ब्रह्मांड में हर क्रिया-प्रतिक्रिया का अपना महत्व है। सूर्य और चंद्र ग्रहण केवल अंधकार का क्षण नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागृति और कर्मों के फल से जुड़ने का एक अवसर भी प्रदान करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्रहण के बाद स्नान और दान अवश्य करना चाहिए, जिससे नकारात्मक ऊर्जा का शमन होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है। यह कथा हमें यह भी सिखाती है कि छल और कपट का परिणाम अंततः बुरा ही होता है, भले ही क्षणिक लाभ क्यों न मिल जाए।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Delhi LGV Ban दिल्ली-NCR में बड़ा झटका! 2027 से नहीं चलेगी आपकी पेट्रोल-डीजल गाड़ी? जानें नया नियम

Delhi LGV ban: दिल्ली और NCR में प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए CAQM ने बड़ा फैसला लिया है। 2027 से पेट्रोल-डीजल-CNG LGV का नया रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।#DelhiLGVBan,#NCRPollution,#ElectricVehicles

खुशखबरी |बिहार के छोटे किसानों के लिए बड़ा प्लान, अब ICAR इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल से कम जमीन में होगी बंपर कमाई!| पटना में...

Bihar Farmers: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के छोटे किसानों के लिए नया कृषि मॉडल पेश किया है, जिसका लक्ष्य कम जमीन से अधिक आय और खेती की लागत कम करना है।#BiharFarmers,#ShivrajSinghChouhan,#IntegratedFarming

अनोखी कांवड़ यात्रा: आंखों पर पट्टी बांधकर 105 KM चल रहा शिवभक्त, वजह जान हिल जाएंगे आप! | पढ़िए – बिन मांगे सब कुछ-...

Bihar Kanwar Yatra: बिहार के सुल्तानगंज से देवघर तक की कांवड़ यात्रा में एक शिवभक्त संतोष साह अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर 105 किलोमीटर चल रहे हैं। वे महादेव से कुछ मांगने नहीं, बल्क#BiharKanwarYatra,#SawanMahina,#DeogharNews

Araria Drug Bust अररिया पुलिस की बड़ी कामयाबी: करोड़ों की गांजा खेप 240 KG पकड़ी गई, 4 ड्रग तस्कर गिरफ्तार |’बैकवर्ड’ और ‘फॉरवर्ड लिंकेज’...

Araria Drug Bust: अररिया में पुलिस ने नशाखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कुर्साकांटा थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत 240 किलो गांजा और चार तस्करों को गिरफ्तार किया है।#ArariaNews,#DrugBust,#BiharPolice