Makar Sankranti 2026: भारतवर्ष में पर्वों का अपना एक विशेष महत्व है, और इन्हीं में से एक है मकर संक्रांति का पावन पर्व, जो सूर्य देव को समर्पित है। यह दिन प्रकृति और आध्यात्मिकता के मिलन का प्रतीक है, जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं।
मकर संक्रांति 2026: 23 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग, जानिए इसका विशेष महत्व
मकर संक्रांति 2026 पर विवाह के शुभ मुहूर्त और संक्रांति का वाहन
Makar Sankranti 2026 का पर्व सनातन धर्म में अत्यंत पावन और फलदायी माना जाता है। यह वह विशेष दिन है जब सूर्य देव उत्तरायण होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे दक्षिणायन से उत्तर दिशा की ओर गति करने लगते हैं। इस शुभ परिवर्तन के साथ ही पृथ्वी पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है और सभी मांगलिक कार्यों के लिए द्वार खुल जाते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, वर्ष 2026 में मकर संक्रांति का पर्व कई मायनों में विशेष होने वाला है, क्योंकि इस वर्ष 23 साल बाद एक अत्यंत दुर्लभ शुभ योग बन रहा है। इस दिन से विवाह सहित सभी प्रकार के शुभ कार्य पुनः प्रारंभ हो जाएंगे, जिससे घरों में खुशियों का आगमन होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
संक्रांति के वाहन और उनके ज्योतिषीय प्रभाव
वर्ष 2026 में मकर संक्रांति के दिन संक्रांति का मुख्य वाहन बाघ (Tiger) रहेगा और उपवाहन अश्व (Horse) होगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, वाहन के रूप में बाघ का आगमन धन-धान्य और सुख-शांति का सूचक है। यह समाज में समृद्धि और शक्ति का प्रतीक है, जो व्यक्तियों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा। वहीं, उपवाहन अश्व का होना समाज में कुछ उथल-पुथल की भी संभावना दर्शाता है। यह एक ऐसा समय होगा जब भौतिक समृद्धि के साथ-साथ सामाजिक व्यवस्था में भी कुछ परिवर्तन दृष्टिगोचर हो सकते हैं। इन गोचरों के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
विवाह एवं अन्य शुभ कार्य
यह भी उल्लेखनीय है कि मकर संक्रांति 2026 से विवाह के लिए लगभग 50 से अधिक शुभ मुहूर्त आरंभ हो जाएंगे, जो आने वाले समय में विवाह इच्छुक जोड़ों के लिए अत्यंत फलदायी सिद्ध होंगे। इन मुहूर्तों में संपन्न होने वाले विवाह संबंधों में स्थिरता और समृद्धि आने की मान्यता है। इस दिन से गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार और अन्य सभी मांगलिक कार्यों के लिए भी शुभ समय प्रारंभ हो जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
निष्कर्ष एवं उपाय
मकर संक्रांति का यह पावन पर्व स्नान, दान और पुण्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से सभी पापों का शय होता है और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। तिल, गुड़, खिचड़ी, कंबल और ऊनी वस्त्रों का दान करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की आराधना करने और निम्नलिखित मंत्र का जाप करने से जीवन में सुख, समृद्धि और आरोग्य का वास होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ॐ घृणि सूर्याय नमः।





