नई दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर तंज कसते हुए बुधवार को कहा कि भाजपा गुजरात विधानसभा चुनाव बुरी तरह हार रही है। और, अब गंदी राजनीति पर उतर गई है। उन्होंने कहा कि आप की सूरत ईस्ट से उम्मीदवार कंचन जरीवाला और उनकी फैमिली कल से गायब हैं। भाजपा ने हमारे उम्मीदवार को किडनैप कर लिया है। पढ़िए पूरी खबर
गुजरात में विधानसभा चुनाव के बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि सूरत से पार्टी की प्रत्याशी कंचन जरीवाला का अपहरण हो गया है। पार्टी ने दावा किया है कि उनका अपहरण कर लिया गया है। इसी दावे पर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि मैंने मुख्य चुनाव आयोग से मिलने के लिए वक्त मांगा है। उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग से रिक्वेस्ट करूंगा कि अपहरण सिर्फ आम आदमी पार्टी के कैंडिडेट का नहीं हुआ है, यह लोकतंत्र का अपहरण है।

एक प्रेस वार्ता में डिप्टी सीएम ने कहा कि बीजेपी ने गुजरात के सूरत (पूर्व) से हमारे उम्मीदवार कंचन जरीवाला को अगवा कर लिया है। उन्हें आखिरी बार कल आरओ ऑफिस में देखा गया था. उन्होंने उनका नामांकन खारिज कराने की कोशिश की। बाद में उन पर नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया गया। यह चुनाव आयोग पर सवाल उठाता है।
प्रेस वार्ता के बाद डिप्टी सीएम ने दावा किया कि गुजरात से सूरत (पूर्व) से हमारी उम्मीदवार कंचन जरीवाला को अभी-अभी रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय लाया गया है। उन्हें 500 से अधिक पुलिसकर्मियों ने घेर लिया था और अब उनका नामांकन वापस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है। अब खबर विस्तार से
सिसोदिया ने बताया कि पहले कंचन जरीवाला पर दबाव बनाया जा रहा था कि वह अपना नाम वापस ले ले। मंगलवार को कंचन जरीवाला को आखिरी बार चुनाव आयोग के ऑफिस में देखा गया था। वह अपने कागजात को ठीक करवाने गये थे। उसके बाद ऑफिस के बाहर से उनका अपहरण कर लिया गया। उनका कल से फोन बंद जा रहा है। इतना ही नहीं उनका परिवार भी गायब है।
उल्लेखनीय है कि इस कड़ी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, उन्होंने लिखा कि हमारी आप की उम्मीदवार सूरत ईस्ट से कंचन जरीवाल और उनकी फैमिली कल से गायब है। भाजपा ने पहले भरपूर प्रयास किया कि उनका नॉमिनेशन रद्द कर दिया जाए, लेकिन उनका नॉमिनेशन स्वीकार कर लिया गया है, तो अब इसके बाद भाजपा ने हमारे उम्मीदवार पर दबाव बनाया कि वह अपना नाम नॉमिनेशन से वापस ले।
वहीं सिसोदिया अपनी प्रेस वार्ता को खत्म करने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि, “अभी-अभी जानकारी मिली है कि भारी पुलिस प्रोटक्शन में कंचन जरीवाल को आरओ के ऑफिस लाया गया है और वहां उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपना नॉमिनेशन वापस ले लें। मैं चुनाव आयोग से कहना चाहता हूं कि ये सरेआम दिन दहाड़े लोकतंत्र की लूट हो रही है। मैं चुनाव आयोग में जा रहा हूं और कहूंगा कि इसे तुरंत संज्ञान में ले।”
वहीं आम आदमी पार्टी का टिकट बेचने के आरोप में विधायक के रिश्तेदार और पीए की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए सिसोदिया ने कहा कि इस घटना ने साबित कर दिया कि आम आदमी पार्टी में टिकट बिकता नहीं है। अगर पैसे लेकर कोई किसी से टिकट दिलाने की बात कर रहा है तो वह झूठ है।
इसमें आम आदमी पार्टी के दो विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी और राजेश गुप्ता का जिस तरह से नाम आ रहा है इस पर भी सिसोदिया ने कहा कि विधायकों की तरफ से किसी को टिकट देने की सिफारिश नहीं की गई। अब जो शिकायत है और गिरफ्तारी हुई है इसकी जांच की जा रही है, सच्चाई जल्दी सामने आ जायेगी। लेकिन इस घटना ने एक बात तो साफ कर दिया कि आम आदमी पार्टी पैसे लेकर टिकट नहीं देती।
उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए पैसे लेकर टिकट देने की एक शिकायत पर आम आदमी पार्टी के मॉडल टाउन से विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी के साले और पीए को गिरफ्तार किया है। कमला नगर के रहने वाले शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 90 लाख रुपये में उनकी पत्नी को टिकट देने का बात कही थी।







