Bihar Politics अनंत सिंह पर ‘ अनंत ‘ आफ़त -कुर्सी जाएगी! सदस्यता रद्द | अब सुप्रीम कोर्ट से जेल का खतरा! | पढ़िए – छोटे सरकार पर JDU का ‘विधायकी’ वार का क्या है पूरा सच?|क्विक एक्शन
Bihar Anant Singh: मोकामा विधायक अनंत सिंह के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ जेडीयू ने उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की पहल की है, वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में उनकी जमानत रद्द करने वाली याचिका पर अहम सुनवाई होनी है।
Bihar Politics अनंत सिंह पर ‘ अनंत ‘ आफ़त -कुर्सी जाएगी! सदस्यता रद्द | अब सुप्रीम कोर्ट से जेल का खतरा! | पढ़िए – छोटे सरकार पर JDU का ‘विधायकी’ वार का क्या है पूरा सच?|क्विक एक्शन
Bihar Anant Singh: मोकामा के बाहुबली विधायक बिहार में चौतरफा संकट से घिरते दिख रहे हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से निष्कासित किए जाने के बाद अब उनकी विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट में उनकी जमानत रद्द करने की मांग वाली एक अहम याचिका पर सुनवाई होनी है, जिससे उनकी जेल वापसी का खतरा बढ़ गया है।
Bihar Politics विधानसभा में जेडीयू अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की स्पीकर प्रेम कुमार से मुलाकात! | 10 पेज के सबूत| पढ़िए – अनंत सिंह पर JDU का ‘विधायकी’ वार का क्या है पूरा सच?|क्विक एक्शन
Bihar Politics: बिहार की सियासत में मोकामा विधायक अनंत सिंह की विधायकी पर खतरा गहरा गया है। उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म करने की दिशा में जेडीयू ने एक बड़ा कदम उठाया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा वाला पत्र सौंपा है, साथ ही करीब 10 पेज के दस्तावेजी सबूत और वीडियो भी प्रस्तुत किए हैं।
- Advertisement -
- Advertisement -
क्विक एक्शन होगा अनंत सिंह पर JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा
अनंत सिंह की पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष से मिलने पहुंचे थे। सारा सबूत मैंने दिया। अनंत सिंह ने हमारी पार्टी के खिलाफ चुनाव प्रचार किया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ भी लगातार बोलते रहे हैं। अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात करने पहुंचे थे।
विधानसभा अध्यक्ष मौजूद नहीं थे, उनके सचिव से मुलाकात हुई है। अनंत सिंह पर क्विक एक्शन होगा, उमेश कुशवाहा
जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सोमवार को सीधे विधानसभा पहुंचे, जहां उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अनंत सिंह की विधायकी रद्द करने की सिफारिश की। पार्टी की ओर से सौंपे गए पत्र में स्पष्ट रूप से अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की गई है।
इस महत्वपूर्ण मुलाकात में उमेश कुशवाहा ने पत्र के साथ लगभग 10 पेज के दस्तावेजी सबूत भी सौंपे। इसके अतिरिक्त, एक वीडियो भी विधानसभा अध्यक्ष को दिया गया है। जेडीयू इन सभी सबूतों के आधार पर मोकामा विधायक अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता पर तत्काल कार्रवाई चाहती है, जिससे बिहार की राजनीति में एक नई हलचल मच गई है।
अनंत सिंह पर JDU का ‘विधायकी’ वार: क्या है पूरा मामला?
यह घटनाक्रम तब सामने आया है, जब जेडीयू ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। यह कठोर कार्रवाई हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद चुनाव के दौरान हुई थी। आरोप है कि अनंत सिंह ने पार्टी की निर्धारित लाइन के खिलाफ जाकर जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज समर्थित उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन और प्रचार किया था।
जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विधानसभा अध्यक्ष को अनंत सिंह की विधायकी रद्द करने की अनुशंसा करते हुए 10 पेज के सबूत और वीडियो सौंपे हैं, जिस पर अब विधानसभा अध्यक्ष को फैसला लेना है।
विधानसभा अध्यक्ष के अगले कदम पर सबकी निगाहें
पार्टी विरोधी गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए जेडीयू ने उनके खिलाफ पहले ही सख्त कदम उठाया था। अब उनकी विधायकी समाप्त करने की अनुशंसा के साथ, अनंत सिंह और पार्टी नेतृत्व के बीच का विवाद और गहरा गया है। इस पूरे मामले में अब सबकी निगाहें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार पर टिकी हैं।
इससे पहले, रविवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मीडिया को बताया था कि उन्हें अनंत सिंह के निष्कासन की जानकारी समाचार पत्रों से मिली थी। उस समय तक विधानसभा कार्यालय को इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ था। डॉ. प्रेम कुमार ने स्पष्ट किया था कि पत्र मिलने के बाद उसकी गहन समीक्षा की जाएगी और फिर कानून तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही आगे की कार्रवाई होगी।
जेडीयू की ओर से अनुशंसा पत्र और सभी दस्तावेजी सबूत सौंपे जाने के बाद, अब मामले में अगली प्रक्रिया विधानसभा अध्यक्ष के स्तर पर शुरू होगी। पत्र और उपलब्ध कराए गए सबूतों की विस्तृत समीक्षा के बाद ही आगे का कोई कदम तय किया जाएगा, जिससे अनंत सिंह के राजनीतिक भविष्य पर बड़ा असर पड़ सकता है।
जेडीयू ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
अनंत सिंह की मुश्किलें जेडीयू के एमएलसी प्रत्याशी नीरज कुमार के विरोध के बाद और बढ़ गई हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने इस संबंध में बिहार विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र सौंपा है। इस पत्र में संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की गई है। यह कदम उनकी राजनीतिक भविष्य पर सीधा सवाल खड़ा करता है।
सुप्रीम कोर्ट से फिर जेल जाने का खतरा
विधायक अनंत सिंह के लिए कानूनी मोर्चे पर भी बड़ी चुनौती खड़ी है। 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में दुलारचंद यादव हत्याकांड से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। इस सुनवाई में पटना हाईकोर्ट से मिली उनकी जमानत रद्द करने की मांग की गई है। सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट की इस कार्यवाही पर टिकी हैं, क्योंकि इसका सीधा असर उनकी स्वतंत्रता पर पड़ सकता है। दुलारचंद यादव की हत्या 30 अक्टूबर, 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद भी अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए विधानसभा चुनाव जीता था, जिसके बाद मार्च 2026 में उन्हें पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।
दुलारचंद यादव के पोते और जेडीयू एमएलसी प्रत्याशी नीरज कुमार ने ही अनंत सिंह की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने अपनी याचिका में अनंत सिंह की जमानत रद्द कर उन्हें दोबारा जेल भेजने की मांग की है। इस मामले में बिहार सरकार को पक्षकार संख्या एक और अनंत सिंह को पक्षकार संख्या दो बनाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार ने 24 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में एक जवाबी हलफनामा दाखिल किया है, जिसने अनंत सिंह की परेशानी और बढ़ा दी है।
राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि दुलारचंद यादव हत्याकांड की पुलिस जांच में अनंत सिंह और कुछ अन्य आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं। इसमें जांच के दौरान एसडीपीओ और एसपी स्तर पर की गई निगरानी का भी उल्लेख है। साथ ही, जनवरी 2026 में अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
अब 30 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट का रुख इस पूरे मामले में बेहद अहम होगा। अदालत का अंतिम फैसला ही यह तय करेगा कि अनंत सिंह की जमानत बरकरार रहेगी या उन्हें फिर से जेल जाना पड़ेगा।
Cyclone Arnab: चक्रवाती तूफान 'अर्नब' अब भीषण रूप ले चुका है और 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट से टकराएगा। बिहार समेत 8 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी,#CycloneArnab,#BiharWeather,#WeatherAlert
East Champaran EOU Raid: पूर्वी चंपारण के केसरिया में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने भाजपा नेता रिंकू पाठक के आवास सहित छह ठिकानों पर छापेमारी की है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।#BiharNews,#EOURaid,#RinkuPathak
Bihar Food Safety: पटना में खाद्य संरक्षा विभाग ने आइसक्रीम और डेयरी इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई की है। निरीक्षण में गंदगी, एक्सपायर्ड सामान मिला, जिसके बाद ₹80,720 की 260 किलो खाद्य#BiharFoodSafety,#PatnaNews,#FoodAdulteration
Lalu Prasad Fodder Scam: चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। झारखंड हाईकोर्ट में अब 27 अक्टूबर से उनकी अपीलों पर नियमित सुनवाई शुरू होग#LaluPrasad,#FodderScam,#JharkhandHighCourt
You must be logged in to post a comment.