Tejashwi Yadav: बिहार में 44 हजार जिंदा कारतूसों की बरामदगी के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने इस मामले में पकड़े गए चार आरोपियों के आरएसएस से जुड़े होने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि आरएसएस को आतंकवादी संगठन घोषित किया जाए। तेजस्वी यादव ने इस घटना को देशभर में धमाकों की साजिश से जोड़कर देखा है, जिससे राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है।

44 हजार कारतूस बरामदगी पर RSS को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग
तेजस्वी यादव ने 44 हजार जिंदा कारतूसों की बरामदगी को गोला-बारूद की अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़ा एक खतरनाक नेटवर्क करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतनी बड़ी मात्रा में कारतूसों की बरामदगी के पीछे देशव्यापी धमाकों की कोई बड़ी साजिश रची जा रही थी। नेता प्रतिपक्ष ने चंदन तिवारी, अभिषेक तिवारी, लालटू कुमार और सरस कुमार जैसे आरोपियों के आरएसएस से कथित जुड़ाव पर गंभीर प्रश्न खड़े किए।
विपक्षी दल के नेता तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने पूछा कि अगर आरएसएस से जुड़े बताए जा रहे इन लोगों के पास से इतनी बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं, तो क्या आरएसएस को आतंकवादी संगठन घोषित नहीं किया जाना चाहिए? यह मांग बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर सकती है।
बिहार में गिरती कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री को घेरा
तेजस्वी यादव ने प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को गांवों, टोलों और गली-मोहल्लों में चेतावनी बोर्ड लगवा देने चाहिए।
जनता अपनी जान की जिम्मेदार खुद होगी और बिहार पुलिस से न्याय की उम्मीद अपने जोखिम पर करे।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए बिहार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री के सत्ता में आने के बाद से बिहार पुलिस का रवैया बदल गया है और पुलिस अपराधियों की तरह व्यवहार कर रही है।
मधुबनी में पीड़ित परिवार से मुलाकात, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
इसी क्रम में तेजस्वी यादव ने मधुबनी का दौरा किया, जहां पुलिस के एक एएसआइ पर घर में घुसकर दो लोगों की हत्या करने का आरोप है। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और उन्हें आर्थिक सहायता भी प्रदान की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार को बेलगाम करार देते हुए मुख्यमंत्री को ‘अपराधियों का संरक्षक’ बताया। तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग दोहराते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
तेजस्वी यादव के इन गंभीर आरोपों और आरएसएस को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग से बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है, खासकर जब राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।






