
Bharat Ratna Savarkar: राजनीति की पिच पर ‘भारत रत्न’ का नया दाँव, जहां इतिहास के नायक और विवादों के खलनायक आमने-सामने आ खड़े हुए हैं।
भारत रत्न सावरकर: ओवैसी का RSS पर तीखा हमला, पूछा- क्या गोडसे को भी मिलेगा सम्मान?
Bharat Ratna Savarkar पर क्यों भड़के ओवैसी?
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर संघ प्रमुख की वी.डी. सावरकर को भारत रत्न देने की मांग को लेकर कड़ा प्रहार किया है। ओवैसी ने 1857 के विद्रोह के नायक मौलवी अलाउद्दीन का जिक्र करते हुए सावरकर को सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने के विचार की आलोचना की। उन्होंने याद दिलाया कि हैदराबाद की मक्का मस्जिद के तत्कालीन इमाम मौलवी अलाउद्दीन ने अंग्रेजों के खिलाफ तब आवाज़ उठाई थी, जब कुछ स्वतंत्रता सेनानी औरंगाबाद में कैद थे।
ओवैसी ने बताया कि अंग्रेजों द्वारा संरक्षित निज़ाम हैदराबाद पर शासन कर रहे थे। मौलवी अलाउद्दीन ने उन पर हमला किया, हालांकि वे बच निकले। बाद में मौलवी अलाउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया और वे ‘काला पानी’ (अंडमान सेलुलर जेल) के पहले कैदियों में से एक थे। दुखद है कि उनका निधन भी वहीं जेल में हुआ। AIMIM नेता ने आगे कहा कि आज आरएसएस उस व्यक्ति को भारत रत्न देने की मांग कर रहा है जिसने अंग्रेजों को छह बार दया याचिकाएं लिखी थीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ओवैसी ने आशंका जताई कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब भाजपा नाथूराम गोडसे को भी भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करेगी।
मोहन भागवत का बयान और बढ़ी सियासी हलचल
यह विवाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला ‘संघ की सौवीं यात्रा – नए क्षितिज’ में दिए गए भाषण के बाद गहराया है। मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा था कि अगर सावरकर को भारत रत्न दिया जाता है, तो इस सम्मान की प्रतिष्ठा और बढ़ जाएगी।
भागवत ने स्पष्ट किया कि वे निर्णय लेने वाली समिति में नहीं हैं, लेकिन मौका मिलने पर वे इस मुद्दे को अवश्य उठाएंगे। उन्होंने कहा, “मैं उस समिति में नहीं हूं, लेकिन अगर मेरी मुलाकात किसी ऐसे व्यक्ति से होती है जो उस समिति में है, तो मैं उनसे यह बात जरूर पूछूंगा। अगर स्वतंत्र वीर सावरकर को भारत रत्न से सम्मानित किया जाता है, तो इस पुरस्कार की प्रतिष्ठा और बढ़ जाएगी। प्रतिष्ठा के बिना भी, वे लाखों दिलों के बादशाह बन चुके हैं।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस मांग का विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा कि यह भारत रत्न पुरस्कार और देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान होगा। टैगोर ने जोर देकर कहा कि अगर हम उन लोगों को भारत रत्न देते रहेंगे जो अंग्रेजों से माफी मांगते रहे, तो यह उन लोगों का अपमान होगा जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, जिनमें बी.आर. अंबेडकर, सरदार पटेल, महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्व शामिल हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/।
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान और उसे प्रदान करने के मानदंडों पर नई बहस छेड़ दी है, जिसमें इतिहास के विभिन्न पहलुओं और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के योगदान पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






