बिहार के शिक्षा मंत्री और आरजेडी नेता प्रो. चंद्रशेखर के अपने बड़े भाई और दिल्ली यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड इतिहास के प्रोफेसर डॉ. रामचंद्र प्रसाद यादव ने बीजेपी ज्वाइन कर ली है। डॉ. रामचंद्र प्रसाद यादव ने बापू सभागार में बीजेपी की सदस्यता ली।
रामचंद्र प्रसाद यादव शुक्रवार को बीजेपी में शामिल हो गए। बापू सभागार में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ली। इस मौके पर रामचंद्र प्रसाद ने अपने भाई चंद्रशेखर को लेकर कहा कि यह कोई जरूरी नहीं कि राजनीति में विचार मिले। वह आरजेडी में है, लेकिन मेरा विचार बीजेपी से मिलता है।






डॉ. रामचंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि हम दोनों भाई साथ रहते हैं। हम लोगों का खानपान गांव में एक साथ हैं। जमीन-जायदाद का काम भी एक साथ होता है, लेकिन विचारों के मामले में हम दोनों अलग हैं। रामचंद्र ने कहा कि अब हम बीजेपी में आ गए हैं। पार्टी का जो भी आदेश होगा वह हम करेंगे।
रामचंद्र प्रसाद ने अपने भाई चंद्रशेखर को लेकर कहा कि यह कोई जरूरी नहीं कि राजनीति में विचार मिले। वह आरजेडी में है, लेकिन मेरा विचार बीजेपी से मिलता है। प्रधानमंत्री के किए गए कामों से हम प्रभावित हैं। वहीं अपने छोटे भाई शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के रामचरितमानस को लेकर दिए गए बयानों पर रामचंद्र ने बताया कि उनके भाई चंद्रशेखर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से मात्र एक साल तक इतिहास की पढ़ाई की। वह पॉलिटिकल साइंस का प्रोफेसर रहा है। इतिहास के बारे में उसे बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है।
रामचंद्र ने कहा कि अगर भाई के बयान के खिलाफ हमें राजनीति करनी पड़ी तो उसमें भी पीछे नहीं हटेंगे। उनके बयानों का सीधा-सीधा जवाब देंगे, क्योंकि मुझे मालूम है कि वह जो बयान देते हैं वह कितना सही होता है। लालू यादव सामाजिक न्याय की बात करते हैं तो तुलसीदास से बड़ा सामाजिक पुरोधा कोई नहीं था। जो नहीं जानते हैं उन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम दोनों भाई साथ रहते हैं। हम लोगों का खानपान गांव में एक साथ हैं। जमीन-जायदाद का काम भी एक साथ होता है लेकिन विचारों के मामले में हम दोनों अलग हैं। हमने उसे कहा भी है कि बिना अवधि जाने क्यों बोलते हो? रामचंद्र ने कहा कि अब हम बीजेपी में आ गए हैं। पार्टी का जो भी आदेश होगा वह हम करेंगे।
हालांकि रामचंद्र प्रसाद ने यह भी कहा कि अगर भाई के बयान के खिलाफ हमें राजनीति करनी पड़ी तो उसमें भी पीछे नहीं हटेंगे। उनके बयानों का सीधा-सीधा जवाब देंगे क्योंकि मुझे मालूम है कि वह जो बयान देते हैं वह कितना सही होता है। लालू यादव सामाजिक न्याय की बात करते हैं तो तुलसीदास से बड़ा सामाजिक पुरोधा कोई नहीं था।
वहीं अपने छोटे भाई शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के रामचरितमानस को लेकर दिए गए बयानों पर कहा कि उनके भाई चंद्रशेखर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से मात्र एक साल तक इतिहास की पढ़ाई की।
वह पॉलिटिकल साइंस का प्रोफेसर रहा है। इतिहास के बारे में उसे बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है। रामचंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि अगर रामचरितमानस के श्लोक की कुछ पंक्तियों के बारे में वह कहता है तो फिर पूरी जानकारी रख कर बोलना चाहिए।








