पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) पर प्रतिबंध के बाद इससे जुड़े लोगों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) का शिकंजा लगातार कस रहा है। यूपी, पंजाब, गोवा, बिहार समेत अन्य राज्यों में देशव्यापी कार्रवाई की जा रही है। एनआइए की अलग-अलग टीम के दौरे पर लगातार आ रही है। 25 अप्रैल को बिहार के दरभंगा और मोतिहारी जिले में एनआईए छापेमारी कर चुकी है। वहीं, बीते रविवार को दरभंगा के बहेड़ा में फिर एनआइए ने बड़ी कार्रवाई की है।
हालांकि, अप्रैल में उस दौरान एनआइए की एक टीम दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के नीम चौक स्थित उर्दू बाजार स्थित एक चिकित्सक के घर को खंगाला था। बताया जाता है कि चार सदस्यीय टीम ने चिकित्सक के घर की घेराबंदी कर विधि-व्यवस्था भंग नहीं हो, इसको लेकर काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बीच घर के किसी लोगों को बाहर नहीं निकलने दिया गया था।






वहीं, जिले के जाले और सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव में दूसरी टीम छापेमारी की थी। वहां भी टीम ने एक फोन को जब्त किया था।
हालांकि, फुलवारी शरीफ मामले में दरभंगा के तीन आरोपी में दो अब भी फरार चल रहे हैं। 28 जुलाई 2022 को तीनों आरोपितों के घर पर छापामारी के दौरान NIA ने PFI के संविधान, मोबाइल सहित कई दस्तावेज जब्त किए थे। इसके बाद आठ सितंबर 2022 को मुस्तकीम के घर सहित लहेरियासराय थाना क्षेत्र के उर्दू मोहल्ला स्थित राजटोली में दानिश लाज में छापेमारी की गई थी। यहां पर भी NIA को काफी साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर फिर से कार्रवाई जारी है।
इधर,दरभंगा के बहेड़ा थाना के छोटी बाजार में पीएलएफआई से जुड़े संदिग्ध युवक के घर पर रविवार की सुबह करीब छह बजे छापेमारी की। रिमझिम बारिश के बीच चार थानों की पुलिस के साथ पहुंची। एनआईए की टीम ने छोटी बाजार में मो. हब्बीबुल्लाह के घर की घेराबंदी की। इसके बाद हबीबुल्लाह के पुत्र मो. समीउल्लाह को कब्जे में ले लिया। बहेड़ा थाने पर करीब दो घंटे उससे पूछताछ की गई। उसके मोबाइल को जब्त कर एनआईए ने युवक को मुक्त कर दिया। छापेमारी का नेतृत्व एनआईए के इंस्पेक्टर राजेश कुमार मिश्र कर रहे थे।
इंस्पेक्टर मिश्र ने बताया कि जरूरी होने पर समीउल्लाह को फिर से बुलाया जाएगा। इसके लिए उसे नोटिस दिया गया है। वह नोटिस अब समीउल्लाह को मिल चुका है। ग्यारह जुलाई को एनआइए ने नोटिस देकर उसे पटना कार्यालय बुलाया है। वहां उससे फिर पूछताछ होगी।
दरभंगा के बहेड़ा से गिरफ्तार युवक मो समीउल्लाह के पीएलएफआई से संपर्क होने के कई सबूत मिले हैं। वह अरबी के पत्र व अन्य दस्तावेजों को उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी में अनुवाद कर पीएलएफआई से जुड़े सदस्यों को उपलब्ध कराता था। उसके पास से बरामद मोबाइल में इसके साक्ष्य मिले हैं। समीउल्लाह चार भाइयों में दूसरे नंबर पर है। उसके पिता मो. हबीबुल्लाह ने बताया कि समीउल्लाह फुलवारीशरीफ में रहकर मौलवी की पढ़ाई करता है।
जानकारी के अनुसार, फुलवारी शरीफ मामले में दरभंगा के तीन आरोपितों में अब भी दो फरार चल रहे हैं। इसमें सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के शंकरपुर निवासी पीएलएफआई के प्रदेश महासचिव सनाउल्लाह उर्फ आकीब और मुस्तकीम अब भी फरार हैं। एनआईए की टीम फुलवारीशरीफ मामले में 28 जुलाई, 2022 को इन आरोपितों के घर को खंगाला था।शमीउल्लाह के संपर्क जमात उत दावा जैसे संगठन से होने की बात सामने आ रही है।








