Patna Gold Robbery: पटना के बोरिंग रोड पर स्थित गिन्नी ज्वेलर्स के संचालक सचिन कुमार गुप्ता से डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य का एक किलो सोना लूटने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के एक डॉक्टर सहित तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में डॉ. मनोज कुमार, बांके बिहारी और अमन कुमार शामिल हैं। हालांकि, पूर्वी चंपारण निवासी मुख्य आरोपी एन.के. सिंह और अन्य नकाबपोश बदमाश अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश में सघन छापेमारी जारी है।
सोना खरीदने के बहाने फ्लैट में बुलाकर रची साजिश
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह लूट एक पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी। ज्वेलर्स संचालक सचिन कुमार गुप्ता को उनके स्टाफ सोनू के जरिए खबर मिली थी कि डॉ. मनोज कुमार एक किलो सोना खरीदना चाहते हैं। पहले तो दुकानदार ने दुकान के बाहर सौदा करने से मना कर दिया, लेकिन बाद में एक परिचित प्रकाश कुमार के कहने पर वे सहमत हो गए। 22 जून को सचिन अपने स्टाफ सोनू और रोहित के साथ न्यू पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित शिवलोक अपार्टमेंट पहुंचे। वहां अमन कुमार उन्हें फ्लैट तक ले गया, जबकि स्टाफ को नीचे ही रोक दिया गया।






सोना जांचने के बाद दिया लूट को अंजाम
फ्लैट में सचिन की मुलाकात डॉ. मनोज, बांके बिहारी और एन.के. सिंह सहित कुछ अन्य लोगों से हुई। सोने की शुद्धता जांचने के लिए एक व्यक्ति को सोनार बताकर बुलाया गया। सोने का एक छोटा टुकड़ा काटकर जांच करने के बाद पूरा एक किलो सोना एन.के. सिंह को सौंप दिया गया। इसी दौरान एक बॉक्स भी लाया गया, जिसमें करीब डेढ़ करोड़ रुपये होने का दावा किया गया। कुछ ही देर बाद दरवाजे पर दस्तक हुई और चार-पांच नकाबपोश बदमाश फ्लैट में घुस आए।
बदमाशों ने दुकानदार सचिन कुमार गुप्ता, डॉ. मनोज, बांके बिहारी और अमन को एक कमरे में बंद कर दिया। उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए। इसके बाद बदमाश सोना और नकदी से भरा बॉक्स लेकर मौके से फरार हो गए।
कमरे से बाहर निकलने के बाद ही सचिन को पूरे मामले की जानकारी हुई। उन्होंने बालकनी की ओर मौजूद दरवाजे से आवाज देकर नीचे खड़े अपने स्टाफ को बुलाया। स्टाफ ने किसी तरह कमरे का दरवाजा खुलवाया। बाहर निकलने पर पता चला कि एक किलो सोना, नकदी वाला बॉक्स और एन.के. सिंह मौके से गायब थे। इसके बाद सचिन अपने प्रतिष्ठान लौटे और पाटलिपुत्र थाने में इस घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मास्टरमाइंड की तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि घटना एक गहरी साजिश का नतीजा थी। पुलिस ने डॉ. मनोज कुमार, बांके बिहारी और अमन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस फरार मुख्य आरोपी एन.के. सिंह और अन्य नकाबपोश बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरी साजिश का पर्दाफाश होगा और सभी आरोपी कानून के शिकंजे में होंगे।








