मुख्य बातें: 5.0 मिशन इंद्रधनुष अभियान का डीएम और एसपी ने किया शुभारंभ,1793 सत्र स्थलों पर चलाया जाएगा अभियान, दो वर्ष से कम तथा गर्भवती महिलाओं को लगेगा टीका, आईसीडीएस व पंचायतीराज के सदस्य करेंगे सहयोग
समीर कुमार मिश्रा मधुबनी, देशज टाइम्स ब्यूरो प्रमुख। जिले में 5 वर्ष से नीचे के सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के लिए सोमवार को (प्रथम चक्र) से सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान की शुरुआत जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा ने की। इस दौरान डीएम एवं एसपी सुशील कुमार की ओर से बच्चों को दवा पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की गई।






अभियान जिले के 1793 सत्र स्थलों पर चलाया जाएगा। जिसमें 0 से 2 वर्ष तक के 14470 बच्चे, 2 से 5 वर्ष के 3374 बच्चे कुल 17,844 बच्चों, एमआर 1( मीजल्स रूबेला ) के बच्चे 3840 तथा एमआर 2 के 4160 कल 7967 बच्चों को प्रतिरक्षित किया जाएगा।
वहीं 4351 गर्भवती महिलाओं को प्रतिरक्षित किया जाएगा अभियान के तहत जिले के सभी प्रखंडों में चयनित सत्र स्थलों पर गर्भवती महिलाओं एवं 2 वर्ष तक के बच्चों को विभिन्न जानलेवा बीमारियों से बचाव को लेकर टीकाकरण किया जाएगा।
90 प्रतिशत आच्छादन की प्राप्ति को लेकर इस अभियान में शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों को बीसीजी, ओपीवी, पेंटावेलेंट, रोटा वैक्सीन, आईपीवी, मिजिल्स, विटामिन ए, डीपीटी बूस्टर डोज, मिजिल्स बूस्टर डोज और बूस्टर ओपीवी के टीके लगाए जाएंगे। इसके अलावा अभियान में गर्भवती को टेटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका भी लगाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी बच्चा छूटे नहीं इसकी योजना बनाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया पंचायत स्तर पर टीकाकरण समिति बनाने तथा पूर्व की रणनीति पर कार्य किया जाएगा। उन स्थलों की प्राथमिकता दी जाएगी जिन गांव तथा टोले में जहां नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं हुआ हो।
कम आच्छादन वाले नियमित टीकाकरण सत्र तथा ऐसा टीकाकरण सत्र जहां विगत 6 माह में 2 या 2 बार से अधिक टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं किया गया हो। साथ ही ऐसा टीकाकरण सत्र जहां विगत एक वर्ष के अंदर काली खांसी, गलघोटू, खसरे का केस या आउटब्रेक पाया गया हो।
इसके अतिरिक्त ईट भट्ठा, दियारा क्षेत्र ,मलिन बस्ती इत्यादि जहां पर स्वतंत्र रूप से टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं होता हो उन्हें प्राथमिकता सूची में अवश्य कवर करना सुनिश्चित करें।
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार भीमसारिया ने बताया कि मिशन इंद्रधनुष से बच्चों में होने वाली 12 प्रमुख बीमारियों जिनमें तपेदिक, पोलियोमाइलाइटिस, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस और खसरे का खतरा कम होगा।उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि टीकों की संख्या 12 होती है। इसमें खसरा रूबेला, रोटावायरस, हिमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप-बी और पोलियो के खिलाफ टीकों को शामिल करने के बाद इन टीकों की संख्या 12 हो गई है।
क्या कहते हैं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकरी :जिला प्रतिरक्षण पदाधिकरी डॉ. एस के विश्वकर्मा ने बताया कि नियमित टीकाकरण की प्रक्रिया में सुधार के लिये विशेष प्रयास की जरूरत है। मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम नियमित टीकाकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काफी महत्वपूर्ण है।
इंद्रधनुष अभियान के तहत तीन राउंड में साप्ताहिक नियमित टीकाकरण का जिले भर में आयोजन होगा। पहला राउंड 11 से 16 सितंबर तक , दूसरा 09 से 14 अक्टूबर तक एवं तीसरा राउंड का 27 से 02 दिसंबर तक आयोजित होगा। प्रत्येक राउंड में पूरे सप्ताह नियमित टीकाकरण का आयोजन किया जाएगा।
इसको लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई। ताकि सामुदायिक स्तर पर अधिकाधिक लोग लाभांवित हो सकें और अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके। मौके पर सिविल सर्जन डॉक्टर डॉ. नरेश कुमार भीमसारिया, एसीएमओ डॉक्टर आर के सिंह,जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार झा, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एस के विश्वकर्मा, यूनिसेफ एसएमसी प्रमोद कुमार झा सहित कर्मी उपस्थित थे।








