दरभंगा, देशज टाइम्स। कामेश्वर सिंह दरभंगा-संस्कृत विश्वविद्यालय में 2021 वर्षीय प्राग्वि द्यावारिधि शोध पाठ्यक्रम का शुभारंभ रविवार को किया गया। इसमें पचास शोधार्थी जुटे।
जानकरी के अनुसार, रविवार को पूर्वाह्ण 11:00 बजे से 12:00 बजे तक प्राग्विद्यावारिधि षाण्मासिक पाठ्यक्रम कार्यक्रम (Pre Ph. D. course work program 2021) के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया।






इसमें कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशिनाथ झा ने उद्घाटिका कक्षा में सभी छात्रों को शोध विषय से परिचय कराया।
उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि “मौलिक रूप से शोध कार्य करने के लिए शोध विषय को लिखने से पूर्व प्रथमतः तत्तत् विषयक ग्रन्थों के अध्ययन के लिए प्रेरित किया। साथ ही गवेषणा अनुसंधान एवं शोध के प्रकारों को बताया।
इसके बाद अपराह्ण 2:00 बजे से 3:00 बजे तक “शोधबीज की आवश्यकता एवं निर्माण विधि” इस विषय पर तथा 3:00 बजे से 4:00 बजे तक “ग्रन्थों की समीक्षा के लिए आवश्यक तत्त्व” इस विषय पर स्नातकोत्तर प्रभारी प्रो. सुरेश्वर झा ने शोध छात्रों की लगातार दो कक्षाएं लीं। इसमें उन्होंने कोकिल वृत्ति मधुकर वृत्ति हंस वृत्ति आदि समीक्षा के विभिन्न प्रकारों से छात्रों को अवगत कराया।
कार्यक्रम में स्नातकोत्तर साहित्य विभाग के सहायक प्राचार्य डॉ. रितेश कुमार चतुर्वेदी व्याकरण विभाग की सहायक प्राचार्या डॉ. एल सविता आर्या एवं डॉ. साधना शर्मा उपस्थित रहीं। उद्घाटन समारोह का संयोजन व्याकरण विभाग के सहायक प्राचार्य डॉ. यदुवीर स्वरूप शास्त्री ने किया।
इसके पहले बताते चलें कि दिनांक 22-09-2023 को मा. कुलपति की अध्यक्षता में सभी विभागाध्यक्षों की बैठक में इस बार 2021 वर्षीय Pre PhD course work में नामांकित शोधार्थियों के हित में शोध कार्य की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए नियमित रूप से प्रति रविवार को offline कक्षाएं आयोजित की जाएंगी ऐसा निर्णय लिया गया।
2021 वर्षीय pre phd course work program के सफल संचालन हेतु विश्वविद्यालय के प्रशासन ने यह उत्तरदायित्व व्याकरण विभागीय तीन सहायक प्राचार्यों को मनोनीत किया। जिसमें डॉ यदुवीर स्वरूप शास्त्री को इस कार्यक्रम का संयोजक तथा डॉ एल् सविता आर्या एवं डॉ साधना शर्मा को सहसंयोजक बनाया गया।








