Amin Sayani News: भारतीय रेडियो के इतिहास में एक ऐसा नाम, जिनकी आवाज़ ने लाखों दिलों पर दशकों तक राज किया। जिनकी हर पुकार ‘बहनों और भाइयों’ श्रोताओं के कानों में शहद घोल देती थी। आज भी जब रेडियो की बात होती है, तो सबसे पहले जुबां पर उन्हीं का नाम आता है।
अमीन सयानी: वो आवाज़ जिसके जादू से गूँज उठा पूरा एशिया!
Amin Sayani, भारतीय रेडियो के वो अमर हस्ताक्षर हैं, जिनकी आवाज़ का जादू आज भी बेमिसाल है। 21 दिसंबर को उनकी जयंती मनाई जाती है और इस खास दिन पर हम याद कर रहे हैं एक ऐसे लीजेंड को, जिन्होंने अपनी मखमली आवाज़ से न सिर्फ भारत बल्कि पूरे एशिया के लोगों के दिलों में एक ख़ास जगह बनाई।






अमीन सयानी और ‘बिनाका गीतमाला’ का बेमिसाल सफर
अमीन सयानी का नाम आते ही सबसे पहले जिस शो की याद आती है, वह है ‘बिनाका गीतमाला’। 1952 में शुरू हुआ यह लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 42 साल तक श्रोताओं को अपनी धुन पर नचाता रहा। हिंदी फिल्मों के हिट गानों की यह लिस्ट रेडियो सीलोन से प्रसारित होती थी और इसकी लोकप्रियता का आलम यह था कि हर हफ्ते हजारों चिट्ठियां अमीन सयानी के नाम आती थीं। उन्होंने अपने करियर में 50,000 से भी अधिक रेडियो कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह वो दौर था जब हर घर में, हर दुकान पर, हर नुक्कड़ पर ‘बिनाका गीतमाला’ की धुन सुनाई देती थी, और अमीन सयानी की आवाज़ में गाने सुनने का इंतज़ार सबको रहता था।
एक लीजेंड की शुरुआत
अमीन सयानी ने अपने करियर की नींव महज 9 साल की उम्र में रख दी थी। उनके भाई हमीद सयानी उन्हें ऑल इंडिया रेडियो के बॉम्बे स्टेशन ले गए थे, जहाँ उन्होंने पहली बार अपनी आवाज को रिकॉर्ड कर सुना। ‘बिनाका गीतमाला’ के साथ ही अमीन सयानी घर-घर में एक जाना-पहचाना नाम बन गए। उनकी आवाज की गर्माहट और श्रोताओं से सीधा जुड़ाव बनाने की उनकी अद्भुत शैली ही उन्हें बाकी सबसे अलग बनाती थी। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
जब किशोर कुमार से बिगड़ गई थी दोस्ती
अमीन सयानी और हिंदी सिनेमा के महान गायक किशोर कुमार की दोस्ती के किस्से भी खूब मशहूर हैं। दोनों कॉलेज के समय से दोस्त थे। एक बार किशोर कुमार ने एक इंटरव्यू के दौरान ऐसा कुछ किया कि अमीन उनसे इतने नाराज हो गए कि उन्होंने 18 साल तक किशोर से बात नहीं की। हालांकि, बाद में किशोर कुमार ने खुद फोन कर उनसे बात की और दोनों ने एक बार फिर इंटरव्यू रिकॉर्ड किया। इस इंटरव्यू में किशोर ने अपनी बचपन, जवानी और बुढ़ापे की आवाजें निकालकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया था। यह वाकया दोनों की गहरी दोस्ती और उनके व्यक्तित्व की झलक दिखाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अमीन सयानी की आवाज और उनका खास अंदाज ही उन्हें ‘आवाज का जादूगर’ बनाता है। उनके रेडियो प्रोग्राम्स ने पीढ़ियों को प्रभावित किया है और आज भी उनका नाम रेडियो और हिंदी फिल्मों के संगीत प्रेमियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। उनकी यादें, उनकी आवाज़ का जादू, और उनका ‘बहनों और भाइयों’ आज भी हमारे दिलों में जिंदा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।








