Bihar Industrial Development: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिलने वाली है। उद्योग विभाग ने औद्योगिक क्षेत्र डुमरिया में मैसर्स सिटी एडवरटाइजिंग द्वारा लगभग 14.74 करोड़ रुपये के निवेश से एक आधुनिक विनिर्माण इकाई स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। यह परियोजना राज्य में फर्नीचर और इंटीरियर उत्पाद विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।
बिहार औद्योगिक विकास: मॉड्यूलर फर्नीचर से मिलेगी रफ्तार
यह नई इकाई 0.46 एकड़ क्षेत्र में स्थापित की जाएगी, जिसका मुख्य कार्य मॉड्यूलर फर्नीचर, स्टील अलमारियां और घरेलू एवं कार्यालय उपयोग के इंटीरियर उत्पादों का निर्माण करना होगा। इस परियोजना से अनुमानित तौर पर 50 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को कौशल विकास और आजीविका के नए साधन प्राप्त होंगे। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) की परियोजना समाशोधन समिति (PCC) की बैठक में इस महत्वपूर्ण पहल को स्वीकृति प्रदान की गई।






उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह और कुंदन कुमार ने बताई निवेश की अहमियत
बिहार सरकार विविध विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित कर राज्य को आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस प्रकार की परियोजनाएं स्थानीय उद्योगों को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ रोजगार सृजन एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस निवेश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाएं स्थानीय उद्योगों को मजबूती देती हैं और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि सरकार राज्य को आधुनिक औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
बिहार में निवेशकों को बेहतर आधारभूत संरचना, पारदर्शी प्रक्रियाएं एवं निवेशक-अनुकूल नीतियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। फर्नीचर एवं इंटीरियर उत्पाद निर्माण जैसे क्षेत्रों में हो रहे निवेश राज्य के औद्योगिक विकास को गति देंगे व स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर सृजित करेंगे।
उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक, BIADA एवं AIADA कुंदन कुमार ने भी निवेशकों को मिल रही सुविधाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिहार में निवेशकों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा, पारदर्शी प्रक्रियाएं और अनुकूल नीतियां मौजूद हैं, जो राज्य के औद्योगिक विकास को गति देंगी और युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर पैदा करेंगी। यह पहल बिहार औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह नई विनिर्माण इकाई राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी, जिससे न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। आने वाले समय में ऐसे और निवेश की उम्मीद है, जो बिहार को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।








