Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर न्याय की मांग अब तेज हो गई है। हाल ही में हुई उनकी मौत के बाद, शहर में निष्पक्ष जांच की आवाज बुलंद करने के लिए एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
न्याय के लिए एकजुट हुआ भागलपुर
मंगलवार शाम घंटाघर चौक से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च स्टेशन चौक तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना था कि समाज कानून और न्याय व्यवस्था में विश्वास रखता है, इसलिए इस मामले की सही जांच होना बेहद जरूरी है। लोगों ने यह भी दोहराया कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।






मार्च में शामिल लोगों ने सरकार से आरोपी को सजा दिलाने और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की मांग की।
कानून पर भरोसा, कार्रवाई की उम्मीद
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है। कैंडल मार्च के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि जनता इस मामले में किसी भी तरह की लीपापोती बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि पुलिस प्रशासन को मामले की तह तक जाकर सच्चाई सामने लानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और कानून का राज स्थापित हो।
कौन-कौन रहे मार्च में शामिल?
इस कैंडल मार्च में शुभम तिवारी, नितेश चौबे, भास्कर तिवारी, नीरज चौधरी और अभिषेक रॉय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। उन्होंने एक स्वर में भरत तिवारी के लिए न्याय और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की। यह मार्च भागलपुर में कानून व्यवस्था और न्यायपालिका के प्रति जनता के भरोसे को दर्शाता है।
यह कैंडल मार्च केवल भरत तिवारी के लिए न्याय की मांग नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था में जनता के विश्वास को बनाए रखने का एक सशक्त संदेश भी है। प्रशासन पर अब इस मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों को सजा दिलाने का दबाव बढ़ गया है, ताकि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।








