Darbhanga Crime: दरभंगा जिले के दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र स्थित ओझौल गांव में हुए गोलीकांड और हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान पुलिस ने घटना स्थल के पास नाले से एक पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किया है। इस दोहरे हत्याकांड में एक सहायक दरोगा मोहम्मद मोबीन को गोली लगी थी, जिनका ऑपरेशन सफल रहा है, वहीं दूसरे पक्ष के सुनील सहनी की मौके पर ही मौत हो गई थी।
पुलिस ने इस बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया। घटनास्थल के पास एक नाले और कचरे को खोदने पर यह हथियार और गोली मिली। पुलिस ने जेसीबी मशीन मंगवा कर नाले पर बने स्लैब को हटवाया, जिसके बाद नाले से पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस निकाला गया। हथियार बरामद होने की सूचना पर गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए थे।






कैसे हुई हथियार की बरामदगी?
बहादुरपुर पुलिस ने ओझौल गांव में हुई हिंसक वारदात के बाद गहन छानबीन शुरू की। ग्रामीणों से मिली जानकारी और घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों का आकलन करते हुए पुलिस ने नाले में हथियार छिपे होने की आशंका जताई। इसके बाद, जेसीबी की मदद से नाले पर बना स्लैब हटाया गया और तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद हुआ। यह बरामदगी मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।
क्या था ओझौल गांव का खूनी संघर्ष?
ओझौल गांव के वार्ड 11 स्थित इमामबाड़ा के पास दो पक्षों के बीच हुई मारपीट ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया था। इस दौरान एक पक्ष के सहायक दरोगा मोहम्मद मोबीन के पेट में गोली लग गई थी। गोली लगने के बाद आक्रोशित भीड़ ने दिलीप सहनी के पुत्र सुनील सहनी को लाठी-डंडे और फरसा से बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे सुनील की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
सहायक दरोगा मोहम्मद मोबीन को तत्काल एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उनके पेट से गोली निकाल दी है। फिलहाल, उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद दिलीप सहनी ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। वहीं, सहायक दरोगा मोहम्मद मोबीन की पत्नी ने भी दूसरे पक्ष के लोगों पर उनके पति को गोली मारने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवाया है। जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, वे सभी गांव छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोली सुनील सहनी ने ही चलाई थी।
जांच जारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई
बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने बताया कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आखिर रिवाल्वर और जिंदा कारतूस नाले में किसने फेंका था, जो इस केस में एक बड़ा रहस्य बना हुआ है।








