Darbhanga Waterlogging: बिहार के दरभंगा में मंगलवार को हुई कुछ घंटों की बारिश ने नगर निगम के सफाई अभियानों की पोल खोल दी है। इस बेमौसम बरसात का सबसे बुरा असर सीएम साइंस कॉलेज पर पड़ा, जो एक बार फिर पूरी तरह जलमग्न हो गया। कॉलेज परिसर में घुटने भर पानी जमा होने से छात्रों और शिक्षकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।बारिश के कारण न केवल शहर के कई इलाके पानी में डूब गए, बल्कि नगर निगम कार्यालय और उससे सटा सीएम साइंस कॉलेज भी जलभराव की चपेट में आ गया। इस समय कॉलेज में पीजी द्वितीय सेमेस्टर की सैद्धांतिक और यूजी पांचवे सेमेस्टर की प्रायोगिक परीक्षाएं चल रही हैं। मंगलवार दोपहर हुई बारिश के बाद परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों, छात्रों और शिक्षकों को घुटने भर पानी से गुजरना पड़ा। पानी कॉलेज के विभिन्न कार्यालयों में भी घुस गया, जिससे कामकाज अस्त-व्यस्त हो गया और महाविद्यालय प्रशासन की चिंताएँ बढ़ गईं।
प्रिंसिपल ने जताई गहरी चिंता: प्रशासन की उदासीनता
सीएम साइंस कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो संजीव कुमार मिश्र ने इस गंभीर स्थिति पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि कॉलेज परिसर में लगातार हो रहे जलजमाव के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन से बार-बार अनुरोध किया गया है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।






प्रो संजीव कुमार मिश्र ने कहा, ‘नगर निगम एवं जिला प्रशासन से महाविद्यालय परिसर में लगातार हो रहे जलजमाव के निदान करने का बार-बार अनुरोध करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।’
प्रिंसिपल मिश्र ने यह भी बताया कि महाविद्यालय परिसर के चारों ओर के नालों पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। इसी कारण कॉलेज को लगभग पूरे साल जलजमाव की समस्या से जूझना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संबंध में नगर निगम और जिला प्रशासन से कई बार अनुरोध करने के बावजूद अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘नालों के समुचित सफाई के मामले में नगर निगम की यदि आगे भी ऐसी ही उदासीनता बनी रही, तो आगे की स्थिति और भी भयावह होने वाली है।’ उन्होंने आगे कहा कि अतिक्रमित नालों के निरीक्षण का कार्य बार-बार अनुरोध करने के बाद भी अधिकारी सही तरीके से नहीं कर रहे हैं, जिसका सीधा परिणाम है कि शिक्षकों और छात्रों को बार-बार इस अनचाही समस्या से जूझना पड़ता है।
इस घटना ने एक बार फिर दरभंगा में जल निकासी व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। छात्रों और शिक्षकों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस गंभीर समस्या पर ध्यान देगा और इसका स्थायी समाधान निकालेगा, ताकि शैक्षणिक कार्यों में बाधा न पड़े।








