spot_img

Gold Price: सोने की कीमत में भारी गिरावट, जानें युद्ध के बावजूद क्यों सस्ता हुआ ये पीला धातु?

spot_img
- Advertisement -

Gold Price: वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोने की कीमतों में अप्रत्याशित गिरावट ने निवेशकों को सकते में डाल दिया है। जिस समय आमतौर पर सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं की मांग बढ़ती है, ऐसे में बीते सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों के दाम फिसल गए, जिसने बाजार विश्लेषकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया।

- Advertisement -

Gold Price: सोने की कीमत में भारी गिरावट, जानें युद्ध के बावजूद क्यों सस्ता हुआ ये पीला धातु?

- Advertisement -

Gold Price: अचानक क्यों गिरी कीमत?

- Advertisement -

बीते सोमवार को हफ्ते के पहले कारोबारी दिन MCX पर सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 2690-2900 रुपये तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट 1.83 प्रतिशत तक रही, जिससे सोना 1,55,566 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। चांदी की कीमतों में तो सोने के मुकाबले और भी अधिक तेज गिरावट देखने को मिली। चांदी प्रति किलो 4232-5000 रुपये तक सस्ती हुई, जो लगभग 2.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2.53-2.55 लाख रुपये प्रति किलो के दायरे में रही। इस अप्रत्याशित गिरावट ने यह साफ कर दिया कि कीमती धातुओं के लिए कारोबारी सत्र की शुरुआत दबाव भरी रही और यह दबाव पूरे सत्र में बने रहने की संभावना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

आमतौर पर, भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की स्थिति में सोना और चांदी जैसे कीमती धातु ‘सुरक्षित निवेश’ (safe-haven assets) के रूप में अपनी मांग बढ़ने के कारण महंगे हो जाते हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद सोने-चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट वाकई में हैरान कर देने वाली है। Lemonn Markets Desk के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के अनुसार, इस मौजूदा उतार-चढ़ाव में वैश्विक कारकों की अहम भूमिका है। उनका कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से जुड़ी है।

महंगाई और अमेरिकी फेड रिजर्व का असर

गौरव गर्ग बताते हैं, “कीमती धातुओं की कीमतों में आई गिरावट का मुख्य कारण कच्चा तेल की बढ़ती कीमतें हैं। कच्चा तेल बढ़कर 100.15 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ गई हैं।” कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से दुनियाभर में महंगाई का दबाव बढ़ता है क्योंकि इससे परिवहन, लॉजिस्टिक्स, कृषि और कच्चे माल की लागत में वृद्धि होती है। इस बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी फेड रिजर्व (US Federal Reserve) अक्सर ब्याज दरों को उच्च स्तर पर रखता है।

जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो बाजार में नकदी का प्रवाह कम हो जाता है क्योंकि बैंक से ऋण लेना महंगा हो जाता है। इससे लोग खरीदारी और निवेश कम कर देते हैं, जिससे बाजार में मांग घटती है। मांग में कमी आने से कीमतें स्थिर होने या घटने लगती हैं, जिससे महंगाई पर धीरे-धीरे अंकुश लगता है। साथ ही, फेड रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने से अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना डॉलर में ही खरीदा जाता है, इसलिए डॉलर के महंगा होने से सोने की मांग में कमी आती है, जिससे उसकी कीमतों पर दबाव पड़ता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

निवेशक क्या करें: विशेषज्ञ सलाह

कच्चे तेल की कीमतों में अचानक और तीव्र वृद्धि होने पर शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट में भी अस्थिरता का माहौल बन जाता है। निवेशक अक्सर अपने अन्य घाटे की भरपाई करने या ‘मार्जिन कॉल’ को पूरा करने के लिए सोना बेचकर नकदी जुटाते हैं। हाल ही में कीमतों में आई गिरावट की यह भी एक महत्वपूर्ण वजह थी।

मार्केट एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि निवेशकों को ऐसे उतार-चढ़ाव वाले दौर में घबराकर कोई भी तत्काल निर्णय लेने से बचना चाहिए। कमोडिटीज के बाजार में थोड़े समय के लिए कीमतों में गिरावट आना एक सामान्य बात है, खासकर तब जब वैश्विक आर्थिक संकेतक मिले-जुले हों। लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह एक सही अवसर हो सकता है।

* विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में इस तरह की गिरावट धीरे-धीरे खरीदारी करने के मौके प्रदान कर सकती है, जो भविष्य में अच्छा मुनाफा दे सकता है।
* अनुमान है कि इस साल दिवाली तक सोने की कीमत एक बार फिर रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंच सकती है।
* हालांकि, विश्लेषकों का यह भी सुझाव है कि एक ही बार में सारा पैसा निवेश न करें।
* यदि आपको 1 लाख रुपये का निवेश करना है, तो शुरुआत में केवल 25,000 रुपये का निवेश करें। यदि कीमतें और गिरती हैं, तो थोड़ी और राशि निवेश करें। इस तरह छोटी-छोटी रकम में निवेश करना बेहतर रणनीति है।

जानकार निवेशकों को कच्चे तेल की कीमतों, महंगाई के रुझान और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर लगातार नजर रखने की सलाह भी देते हैं, क्योंकि इन सभी कारकों का सोने-चांदी की कीमतों पर सीधा और गहरा असर पड़ता है आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

NEET धांधली की आंच PMCH तक! 8 ‘स्कॉलर डॉक्टर’ पकड़े गए, Bihar NEET Scam अब कई मेडिकल कॉलेज पर लटकी तलवार

Bihar NEET Scam: बिहार नीट-यूजी धांधली में बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तार डॉ. रविशंकर और अश्विनी ने 7-8 स्कॉलर डॉक्टरों की पहचान की है, जिसके बाद PMCH समेत कई मेडिकल कॉलेज जांच के#BiharNEETScam,#MedicalCollegeInvestigation,#EOUAction

बख्तियारपुर में आग का तांडव -घर में फंसी जिंदगियां : लपटों में घुटकर मरी मां-बेटी, 6 महीने की मासूम भी नहीं बची, 3 की...

Bihar Fire News: पटना के बख्तियारपुर में भीषण आग लगने से दो महिलाओं और छह माह की मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। पार्ट्स दुकान में लगी आग ने पूरे इलाके में मातम फैला दिया है।#BiharNews,#BakhtiarpurFire,#TragicAccident

Darbhanga – Jale Power Cut | जाले में बिजली गुल! 4 घंटे से अंधेरे में छटपटा रहे लोग, इन्वर्टर भी हुए फेल!

Jale Power Cut: जाले में शनिवार शाम से बिजली गुल होने से ग्रामीण उमस और अंधेरे से बेहाल हैं। चार घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल न होने से इन्वर्टर फेल हो गए और गुस्सा बढ़ रहा है।#JaleNews,#BiharPowerCut,#Singhdwara

जब मधुबनी के सकरी थाना पहुंचे दरभंगा प्रमंडल के DIG मनोज तिवारी, पुलिस को दिए Crime Control के मंत्र ‘ऑपरेशन क्लीन’

Madhubani Crime Control: दरभंगा प्रमंडल के DIG मनोज तिवारी ने मधुबनी के सकरी थाने का औचक निरीक्षण कर 3 घंटे तक गहन समीक्षा की। उन्होंने लंबित मामलों के निपटारे, अपराध नियंत्रण और आम जनत#MadhubaniNews,#BiharPolice,#CrimeControl