Bihar Raksha Bandhan: रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर बहनों को बड़ी राहत मिली है। भारतीय डाक विभाग ने बिहार में एक विशेष व्यवस्था की है, जिसके तहत भाइयों की कलाई तक बहनों का स्नेह और राखियां समय पर पहुंच सकेंगी। बिहार डाक परिमंडल की मुख्य डाक महाध्यक्ष शशि शालिनी कुजूर ने घोषणा की है कि रक्षाबंधन के मद्देनजर रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के बावजूद राज्य के सभी डाकघर सुबह के समय विशेष रूप से खुले रहेंगे। इस दौरान आम नागरिकों के लिए राखियों की बुकिंग के साथ-साथ डाक वितरण (होम डिलीवरी) की सुविधा भी सुचारु रूप से उपलब्ध रहेगी।
डाक विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता: समय पर पहुंचे राखी
मुख्य डाक महाध्यक्ष शशि शालिनी कुजूर ने बताया कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट विश्वास और पवित्र रिश्ते का महत्वपूर्ण पर्व है। राज्य और देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले भाइयों तक बहनों की भेजी गई राखी समय पर और सुरक्षित पहुंचे, यह भारतीय डाक विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अवकाश के दिन भी डाकघरों की खिड़कियां खुली रखने और वितरण तंत्र को सक्रिय रखने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
अंतिम समय की हड़बड़ी से मिलेगी मुक्ति
डाक विभाग की इस विशेष पहल से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश कार्यदिवसों में समय निकालकर राखी नहीं भेज सके हैं। जिन बहनों की राखियां रविवार को डाकघर बंद रहने की वजह से बुक नहीं हो पाती थीं, उन्हें भी अब सुविधा मिलेगी। रविवार की सुबह डाकघर पहुंचकर आम लोग स्पीड पोस्ट एवं सामान्य डाक के जरिए राखी बुक करा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, पहले से बुक की जा चुकी राखियों और अन्य डाक सामग्रियों की डिलीवरी प्रक्रिया भी रविवार को पूरे जोर-शोर से जारी रहेगी।
मुख्य डाक महाध्यक्ष की अपील: तुरंत करें बुकिंग
‘बहनों और आम नागरिकों से अपील है कि वे राखियां भेजने के लिए बिल्कुल अंतिम दिन या अंतिम समय का इंतजार न करें। निर्धारित समय से पूर्व राखी की बुकिंग कराने से डाक समय पर और सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचने की पूरी गारंटी सुनिश्चित होगी। डाक विभाग ने सभी प्रमंडलों और शाखा डाकघरों को वितरण व्यवस्था निर्बाध रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।’
— शशि शालिनी कुजूर, मुख्य डाक महाध्यक्ष, बिहार डाक परिमंडल
डाक विभाग ने सभी बहनों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम समय की प्रतीक्षा न करें और अपनी राखियां समय रहते बुक करा दें। यह सुनिश्चित करेगा कि हर भाई की कलाई पर उसकी बहन की राखी सही सलामत और समय पर पहुंच सके।







